हाथरस में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी: तीन विधानसभा में चार मतदान केंद्र बढ़े, 23 बूथ घटे
हाथरस में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है। जिले में चार मतदान केंद्र बढ़े है ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
2027 विधानसभा चुनाव के लिए हाथरस में तैयारियां शुरू।
जिले में चार मतदान केंद्र बढ़े, 23 बूथ घटे।
मतदेय स्थलों की सूची पर 11 जुलाई तक सुझाव।
जागरण संवाददाता, हाथरस। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से मतदेयों स्थलों का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है। जिले की तीन विधानसभाओं में चार मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं जबकि 23 बूथ घटाए गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश के तहत हाथरस जिले में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है। इसके बाद तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में हाथरस (अनुसूचित जाति), सादाबाद और सिकंदराराऊ के मतदेय स्थलों की सूची का आलेख्य प्रकाशन कर दिया गया है।
हाथरस जिले में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन किया गया पूरा
यह सूची जिला निर्वाचन कार्यालय सहित संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और तहसील कार्यालयों में उपलब्ध है।
बढ़ गए जनपद में कुल मतदान केंद्र
- जनपद में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 836 से बढ़कर 840 हो गई है।
- मतदेय स्थलों की संख्या 1390 से संशोधित होकर 1367 रह गई है।
- विधानसभा क्षेत्र हाथरस (अजा) में मतदान केंद्रों की संख्या 237 से बढ़कर 240 हुई है, जबकि मतदेय स्थलों की संख्या 475 से घटकर 467 हो गई है।
- विधानसभा क्षेत्र सादाबाद में मतदान केंद्रों की संख्या 300 से बढ़कर 301 हुई और मतदेय स्थलों की संख्या 463 से संशोधित होकर 452 हो गई।
- विधानसभा क्षेत्र 80-सिकंदराराऊ में मतदान केंद्रों की संख्या 299 यथावत रही, लेकिन मतदेय स्थलों की संख्या 452 से घटकर 448 हो गई है।
11 जुलाई तक मांगे सुझाव और आपत्तियां
डीएम अतुल वत्स ने जनपद के सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे प्रकाशित मतदेय स्थलों की सूची का गहन परीक्षण करें। यदि किसी प्रकार की आपत्ति या सुझाव हो, तो संबंधित उप जिलाधिकारी,निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय में 11 जुलाई तक प्रस्तुत किया जा सकता है।