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    IAS रिंकू राही सिंह फिर सुर्खियों में, उरई नगर पालिका में अभिलेखों की जांच को 5 कंप्यूटर आपरेटर लेकर पहुंचे, कराई स्कैनिंग

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 11:16 PM (IST)

    आईएएस रिंकू सिंह राही उरई नगर पालिका में टेंडर और निर्माण कार्यों की जांच करने पहुंचे, जहां उन्हें अधिशासी अधिकारी ने अभिलेख देने से इनकार कर दिया। जा ...और पढ़ें

    कर पटल पर अभिलेखों की जानकारी लेते एसडीएम न्यायिक। जागरण

    कर पटल पर अभिलेखों की जानकारी लेते एसडीएम न्यायिक। जागरण

    HighLights

    1. आइएएस अधिकारी ने प्रपत्रों की कराई स्कैनिंग, बोले- भ्रष्टाचार की जांच से उन्हें हटाने को लखनऊ तक हो सकती पैरवी

    2. नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने कहा कि सर आप जांच टीम में प्रमुख नहीं हैं, अभिलेख नहीं करा सकते उपलब्ध

    जागरण संवाददाता, उरई। आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली के लिए सुर्खियों में आ गए। रिंकू सिंह राही बुधवार को नगर पालिका में टेंडर और निर्माण कार्यों की जांच करने के लिए पांच कंप्यूटर आपरेटर लेकर पहुंच गए। सभासदों की शिकायत पर बनी तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य राही वहां लगभग चार घंटे तक अभिलेख खंगालते रहे।

    जांच के दौरान कुछ देर हंगामे की स्थिति रही। अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने रिंकू सिंह राही को अभिलेख नहीं दिए और कहा कि सर आप जांच टीम के प्रमुख नहीं हैं, इसलिए आपको कागजात नहीं दे सकते हैं। इससे काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही।

    सभासदों ने ईओ पर निर्माण कार्यों में गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय से शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी ने एडीएम (नमामि गंगे) प्रेम चंद्र मौर्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। इसमें रिंकू सिंह को भी सदस्य बनाया गया था।

    रिंकू सिंह ने ईओ को 29 जुलाई तक का अभिलेख देने के लिए समय दिया था। समय पूरा होने पर जब अभिलेख नहीं मिले तो वह बुधवार दो बजे नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। ईओ रामअचल कुरील से उन्होंने कहा कि उनको तो इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है, जिससे वह जांच कर सकते हैं।

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    लगभग बीस मिनट तक ईओ से बातचीत के बाद कोई हल नहीं निकला। ईओ उठकर वहां से चले गए। एसडीएम इसके बाद सीधे सर्किल के पटल पर पहुंचे और वहां रजिस्टर देखने लगे। काफी देर तक कर अधीक्षक गणेश प्रसाद ने उनको रजिस्टर दिखाए, जिनकी स्कैनिंग कराई। इसके बाद वह लेखा कार्यालय पहुंचे और प्रपत्रों को लेकर अपनी टीम से स्कैनिंग करने के लिए कहा।

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    कार्यालय परिसर में ईओ से बात करते एसडीएम रिंकू सिंह। जागरण


    निर्माण सहित कई पटलों पर लग गए ताले

    नगरपालिका में रिंकू सिंह के आने के बाद निर्माण पटल, सहित कुछ पटलों पर ताले लग गए। ताले बंद देखकर एसडीएम हंसने लगे। इसके बाद फिर ईओ के कक्ष की तरफ आ गए लेकिन देर तक वहां नहीं रुके।

    कई-कई बार एक ही पटल पर गए

    एसडीएम न्यायिक कर पटल, लेखा, प्रधान लिपिक कक्ष, प्रकाश कक्ष में एक नहीं बल्कि कई-कई बार गए। एक पटल से निकलते दूसरे पटल पर पहुंच जाते। यह क्रम कई बार चला। लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि बार-बार वह क्या देखने के लिए जाते हैं।

    ईओ अपना काम कर रहे मैं अपना

    नगर पालिका में निरीक्षण के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करनी चाही तो वह बोले कि प्रमुख पटलों पर ताले लगे मिले हैं। फिलहाल कुछ अभिलेखों की स्कैनिंग कराई गई है। इससे अधिक वह कुछ नहीं कहना चाहते। ईओ अपना काम कर रहे हैं और मैं अपना काम कर रहा हूं।

    समस्या लेकर पहुंची महिलाएं

    नगर पालिका में एसडीएम द्वारा जांच किए जाने की जानकारी मिलने पर बच्चों की जेल के पीछे की बस्ती में रहने वाली फरीदा, शबनम, जुबैदा, निशा, बेबी सहित कई महिलाएं वहां पहुंच गईं और एसडीएम से मिलकर अपनी समस्या बताई। कहा कि बस्ती में जलभराव होने से वह लोग काफी परेशान हैं।

    दो इंस्पेक्टर पांच सिपाही रहे मौजूद

    नगरपालिका परिसर में किसी तरह का कोई हंगामा आदि न होने पाए इसके लिए दो इंस्पेक्टर और पांच सिपाही वहां मौजूद रहे। हालांकि इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई।

    - नगर पालिका में जांच के लिए गया था लेकिन उनको वहां अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। हालांकि कुछ पटलों को उन्होंने देखा है।
    रिंकू सिंह राही एसडीएम न्यायिक


    - जो वास्तविकता थी उससे एसडीएम न्यायिक को अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा वह कर भी क्या सकते थे।
    राम अचल कुरील अधिशाषी अधिकारी


    भष्टाचार की जांच से हटाने के लिए लखनऊ तक की गई पैरवी : रिंकू सिंह

    27 की शाम को रिंकू जब तहसील सामान लेकर पहुंचे थे तो कहा था कि अब वह नगर पालिका की जांच से हटने वाले हैं। उनकी यह बात 28 जुलाई की शाम को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित पत्र से सही साबित हो गई। उनका कहना था कि उन्हें जांच से हटवाने के लिए शायद जिले के उच्चाधिकारी लखनऊ तक जा सकते हैं। 29 जुलाई को जब नगर पालिका में भ्रष्टाचार की जांच के लिए उन्हें जाना था उसके पहले ही उन्हें कमेटी से बाहर कर दिया गया। इससे यह साफ होता है कि कहीं न कहीं भ्रष्टाचार के कीचड़ में कुछ जिम्मेदार के हाथ सने हो सकते हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भा लिखा था कि कितना नीचे गिरने की ठान चुके है जिले के अधिकारी...। हालांकि दैनिक जागरण प्रसारित पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है।


    रिंकू सिंह जालौन में एसडीएम के पद पर रहते हुए चर्चा में रहे

    निवर्तमान ब्लाक प्रमुख रामराजा निरंजन के कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान ब्लाक प्रमुख से हुई नोंकझोंक के बाद वह सुर्खियों में रहे। जालौन नगर पालिका चेयरमैन के प्रतिनिधि से भी उनका विवाद हुआ। जिसके बाद उनका तबादला सदर एसडीएम न्यायिक के पद पर कर दिया गया। जब वह एसडीएम जालौन थे तब उनको नगरपालिका उरई में सभासदों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने के लिए एडीएम नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य की अध्यक्षता में बनाई गई जांच समिति में पदेन सदस्य बनाया गया था।


    अब एसडीएम न्यायिक पद पर

    अब रिंकू सिंह एसडीएम न्यायिक के पद पर हैं। इधर सदर तहसील का नवीन भवन बना है जिसमें कार्यालय कक्ष के लिए सोमवार को वह अभिलेख लेकर पहुंच गए थे। हालांकि बाद में एडीएम वित्त एवं राजस्व के हस्ताक्षेप के बाद वह अभिलेख वापस कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में वापस ले गए। इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि न जाने कितने नीचे गिरने की ठान चुके हैं जिले के अधिकारी...।

    यह भी कहा

    तहसील में सोमवार की शाम को वह मुस्कुराते हुए बातों-बातों में यह कह गए थे कि अब वह भ्रष्टाचार का जांच करने वाली कमेटी से बाहर कर दिए जाएंगे क्योंकि उनकी कार्रवाई जिम्मेदारों को रास नहीं आ रही है। यह इशारा नहीं बल्कि पत्र जारी होने के बाद उन्हें इसकी भनक लग गई थी। पत्र में न्यायिक मजिस्ट्रेट की तरफ से उन्हें जांच कमेटी से हटा दिया गया लेकिन उन्हें इसका लिखित में पत्र नहीं दिया गया था। यही कारण रहा है कि वह बुधवार को भी अभिलेखों की जांच करने पहुंच गए थे।


    एसडीएम सुरेश सोनी को बनाया गया पदेन सदस्य

    जांच कमेटी के अध्यक्ष एडीएम नमामि गंगे ने रिंकू से स्थान पर वर्तमान में जालौन एसडीएम का कार्य देख रहे सुरेश सोनी को पदेन सदस्य बना दिया है। इसके बाद भी रिंकू सिंह पालिका के कार्यों की जांच करने पहुंचे। एसडीएम जालौन को पदेन सदस्य बनाए जाने की पुष्टि जांच समिति के अध्यक्ष के पत्र से हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान एसडीएम जालौन को पदेन सदस्य नामित किया गया है।

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