उरई मेडिकल कॉलेज में मारपीट के बाद सुरक्षा बढ़ी, बिना अनुमति बाहर नहीं जाएंगे सीनियर रेजीडेंट
चिकित्सकों और तीमारदारों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद उरई मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्राचार्य ने सीनियर रेजीडेंट्स और विद्यार्थि ...और पढ़ें

मेडिकल कालेज में उपचार व्यवस्था का निरीक्षण करते प्राचार्य डा. अरविंद त्रिवेदी। सौ. मेडिकल कालेज
HighLights
चिकित्सकों-तीमारदारों में मारपीट के बाद मेडिकल कॉलेज सजग
सीनियर रेजीडेंट, विद्यार्थी बिना अनुमति नहीं छोड़ेंगे कॉलेज
प्राचार्य ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की
जागरण संवाददाता, उरई। राजकीय मेडिकल कालेज में डाक्टरों और तीमारदारों में हुई मारपीट की घटना के बाद मेडिकल कालेज प्रशासन ने अब सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाए हैं। प्राचार्य ने बिना अनुमति कालेज से सीनियर रेजीडेंट व विद्यार्थियों पर बाहर जाने पर रोक लगा दी है। उधर, मेडिकल कालेज में उपचार व्यवस्था दुरुस्त चल रही है। कामकाज में किसी तरह का व्यवधान नहीं है।
मेडिकल कालेज में युवती के इलाज को लेकर चिकित्सकों, तीमारदारों में मारपीट की घटना के बाद मेडिकल कालेज में स्थिति भले ही सामान्य नजर आ रही हो लेकिन घटना को लेकर चिकित्सकों में काफी नाराजगी अब भी है। दूसरी ओर तीमारदारों के पक्ष में व्यापारी और अन्य संगठन भी आगे आ गए हैं। ऐसे में कोई अप्रिय घटना न हो जाए, इसको लेकर मेडिकल प्रशासन सजग है।
प्राचार्य डा. अरविंद त्रिवेदी ने चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत, प्रशिक्षणरत सीनियर रेजीडेंटों, नान पीजी जेआर एवं अन्य विद्यार्थियों निर्देश दिया है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में चिकित्सा महाविद्यालय परिसर छोड़ने की स्थिति में हास्टल वार्डन अथवा अपने विभागाध्यक्ष से अनुमति लेकर ही चिकित्सा महाविद्यालय परिसर से प्रस्थान करें।
भर्ती किए गए 350 मरीज, 200 को इमरजेंसी में मिला उपचार
मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कालेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मंगलवार को ही 350 से अधिक मरीज भर्ती किए गए, जबकि लगभग 200 मरीजों को इमरजेंसी में उपचार प्रदान किया गया। जूनियर डाक्टरों और मरीज के तीमारदारों के बीच विवाद की स्थिति के बाद डाक्टरों की टीम, जिसमें जूनियर रेजिडेंट्स भी शामिल हैं, लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में जुटे हैं। डाक्टर मेडिकल कालेज के कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के तहत निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां शांतिपूर्वक निभा रहे हैं।
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दोनों पक्षों को बरतना चाहिए संयम
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि हमें मरीज के परिवार द्वारा की जा रही समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। उपचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बेहतर परिणाम के लिए डाक्टरों और मरीज के तीमारदारों दोनों का सहयोग आवश्यक होता है। यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि इमरजेंसी में विवाद की शुरुआत किसने की। सभी पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है।
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