जौनपुर में कॉर्ड लाइन निर्माण से बिना इंजन बदले दौड़ेंगी ट्रेनें, लखनऊ-गोरखपुर और आजमगढ़ रूट पर बढ़ेगी स्पीड
जौनपुर के शाहगंज जंक्शन पर 3.5 किमी लंबी कॉर्ड लाइन का निर्माण शुरू हो गया है, जिससे ट्रेनों को अब इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह परियोजना ट्रेनो ...और पढ़ें

कॉर्ड लाइन के निर्माण से बिना इंजन बदले दौड़ेंगी ट्रेनें। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
शाहगंज में 3.5 किमी कॉर्ड लाइन का निर्माण शुरू।
ट्रेनें बिना इंजन बदले सीधे गंतव्य तक जाएंगी।
अप्रैल 2027 तक परियोजना पूरी होने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, शाहगंज (जौनपुर)। पूर्वांचल के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शामिल शाहगंज अब रेल परिचालन के नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। वर्षों से प्रतीक्षित 3.5 किलोमीटर लंबी कॉर्ड लाइन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
उत्तर रेलवे (एनआर) और पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को सीधे जोड़ने वाली यह परियोजना पूरी होने के बाद कई ट्रेनों को शाहगंज जंक्शन पर इंजन की दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और जंक्शन पर परिचालन का दबाव भी कम होगा।
कॉर्ड लाइन ताखा पूरब और ताखा पश्चिम गांव से होकर दिदारगंज-आजमगढ़ रेलखंड को बेलवाई-शाहगंज रेलखंड से जोड़ेगी। अभी लखनऊ की ओर से आने वाली और गोरखपुर व आजमगढ़ जाने वाली ट्रेनों को शाहगंज स्टेशन पर दिशा बदलनी पड़ती है।
इसी तरह गोरखपुर और आजमगढ़ से लखनऊ जाने वाली कई ट्रेनें भी जंक्शन होकर गुजरती हैं। इस प्रक्रिया में ट्रेनों का समय अधिक लगता है और प्लेटफार्मों के साथ यार्ड पर भी अतिरिक्त दबाव बना रहता है।
नई कॉर्ड लाइन शुरू होने के बाद जिन ट्रेनों का शाहगंज में ठहराव नहीं होगा, वे सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल जाएंगी। इससे प्लेटफार्म खाली रहेंगे, अन्य ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी और मालगाड़ियों की आवाजाही भी तेज होगी। रेल अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रेनों की समयबद्धता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
परियोजना के तहत कॉर्ड लाइन शाहगंज-अयोध्या मार्ग को भी पार करेगी। सड़क यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए यहां रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी किया जाएगा। पुल बनने के बाद सड़क और रेल, दोनों का आवागमन बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
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अधिशासी अभियंता (रेल निर्माण) सुनील मीना ने बताया कि कॉर्ड लाइन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। रेलवे ने अप्रैल 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार यह परियोजना न सिर्फ शाहगंज जंक्शन की परिचालन क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि पूर्वांचल के रेल नेटवर्क को भी अधिक तेज, सुगम और आधुनिक बनाएगी।