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    भगवा रंग में दौड़ेगी भोपाल-निजामुद्दीन वंदे भारत, सफर में दिखेगी मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक झलक

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 09:23 AM (GMT+05:30)

    भोपाल-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को झांसी में भगवा और ग्रे रंग के नए स्वरूप में अपग्रेड किया गया है। ...और पढ़ें

    तस्वीर- फाइल।

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    जागरण संवाददाता, झांसी। भोपाल-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस अब नए भगवा और ग्रे रंग के आकर्षक स्वरूप में यात्रियों का स्वागत करेगी। रेलवे की मेक इन इंडिया पहचान बन चुकी इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन का झांसी स्थित रेल कोच नवीनीकरण कारखाने में व्यापक उन्नयन किया गया है।

    अत्याधुनिक रोबोटिक पेंटिंग तकनीक से ट्रेन को नया प्रीमियम लुक दिया गया है। कोचों के अंदर यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव किए गए हैं। पिछले कुछ दिनों से ट्रेन को सजाने-संवारने का काम चल रहा था और अब यह बुधवार को भोपाल के लिए रवाना होगी।

    रेलवे बोर्ड के निर्देश पर किए गए इस अपग्रेडेशन के तहत पहले सफेद-नीले रंग में चलने वाली वंदे भारत को भगवा और ग्रे रंग का नया संयोजन दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह रंग योजना ट्रेन को आधुनिक स्वरूप देने के साथ भारतीय पहचान को भी मजबूत करती है।

    कोचों पर हुई रोबोटिक कोटिंग

    रोबोटिक कोटिंग तकनीक से की गई पेंटिंग के कारण सभी कोचों पर एक समान फिनिश मिली है। इससे पेंट अधिक टिकाऊ होगा और धूप, बारिश, धूल तथा अन्य मौसमीय प्रभावों का असर भी कम पड़ेगा।

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    इस वंदे भारत की सबसे बड़ी विशेषता इसके कोचों का नया इंटीरियर है। यात्रियों को सफर के दौरान मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए कोचों में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के आकर्षक चित्र लगाए गए हैं।

    इनमें खजुराहो के विश्वविख्यात मंदिर, सांची स्तूप, भीमबेटका की प्रागैतिहासिक गुफाएं, कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, ओरछा के ऐतिहासिक स्मारक, भोजपुर मंदिर, उज्जैन का महाकाल लोक, पचमढ़ी, भेड़ाघाट की संगमरमर घाटियां तथा ओंकारेश्वर प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    चेयरकार में फुटरेस्ट लगाए गए

    यात्रियों के आराम पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चेयरकार कोचों की सीटों में अतिरिक्त कुशनिंग दी गई है, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयरकार में बड़े और बेहतर डिजाइन वाले फुटरेस्ट लगाए गए हैं।

    स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, आनबोर्ड कैटरिंग, सीसीटीवी निगरानी, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, चार्जिंग प्वाइंट और आरामदायक सीटों जैसी सभी मौजूदा सुविधाएं पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रेन लगभग 52 सेकंड में शून्य से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है।

    देश में इस समय 70 वंदे भारत संचालित

    इसमें विमान जैसी वैक्यूम बायो टायलेट व्यवस्था, बड़े पैनोरमिक ग्लास, उन्नत सस्पेंशन सिस्टम और एग्जीक्यूटिव क्लास में 360 डिग्री घूमने वाली सीट जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।

    रेल कोच नवीनीकरण कारखाने, झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल कनौजिया ने बताया कि देश में 70 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है।

    रेलवे चरणबद्ध तरीके से सभी ट्रेनों को नई रंग योजना और उन्नत सुविधाओं के साथ अपग्रेड कर रहा है, ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सके। भोपाल-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत भी इसी अभियान का हिस्सा है।

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