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    झांसी संजय हत्याकांड: जमीन विवाद और अपमान का बदला, 50 हजार की सुपारी देकर कराई हत्या

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 01:31 PM (IST)

    झांसी में ग्राम प्रधान के बेटे संजय सिंह की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन विवाद, 3 लाख के लेनदेन और प्रॉपर्टी रंजिश में 50 हजार की सुपारी ...और पढ़ें

    आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए।

    आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए।

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    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, झांसी। इलाइट-सीपरी मार्ग स्थित एक रेस्टोरेंट में ग्राम प्रधान के बेटे संजय सिंह की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि जमीन कब्जे, तीन लाख रुपये के लेनदेन और प्रॉपर्टी कारोबार की रंजिश के चलते 50 हजार रुपये की सुपारी देकर वारदात कराई गई थी।

    रविवार देर रात नवाबाद पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं।

    प्लॉट और तीन लाख के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद

    पुलिस के मुताबिक संजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह परिहार, अजय यादव और जितेंद्र यादव प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। शिवानी होटल के पीछे स्थित धर्मेंद्र के प्लाट पर संजय ने कब्जा कर लिया था। साथ ही तीन लाख रुपये के लेनदेन को लेकर संजय का धर्मेंद्र और अजय से विवाद चल रहा था।

    अपमान का बदला लेने को रची गई हत्या की साजिश

    जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान संजय ने धर्मेंद्र को कमरे में बंद कर निर्वस्त्र कर मारपीट की थी। वहीं अजय यादव को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की कोशिश भी की गई थी। इसी रंजिश के चलते हत्या की योजना बनाई गई।

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    50 हजार रुपये एडवांस देकर दी गई सुपारी

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अजय यादव और धर्मेंद्र सिंह ने हुसैन उर्फ खड्ड, जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और अजीम सैफी उर्फ दीम को हत्या की सुपारी दी थी। इसके लिए 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए, जबकि बाकी रकम वारदात के बाद देने की बात तय हुई।

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    रेस्टोरेंट में कनपटी पर सटाकर मारी गोली

    23 जुलाई की रात दतिया से लौटने के बाद संजय सिंह रेस्टोरेंट में अपने परिचितों व धर्मेंद्र के साथ खाना खा रहे थे। इसी दौरान हुसैन अंदर पहुंचा और उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। बाहर जितेंद्र बाइक पर इंतजार करता रहा, जबकि अजीम कार से बैकअप में मौजूद था।

    अजीम ने पहुंचाया था सुरक्षित जिले के बाहर

    अजीम ने घटना के बाद जितेंद्र व हुसैन को अपनी कार से जिले की सीमा के बाहर तक सुरक्षित पहुंचाया था। वह जानता था की घटना में कभी भी कोई भी गिरफ्तार हो सकता था। इसलिए उसने इन आरोपियों की मदद की। इसके एवज में उसे मोटी रकम दिए जाने की लालच दी गई थी।

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    पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार

    मुखबिर की सूचना पर करगुवांजी के पास घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अजीम सैफी के पैर में गोली लगी, जबकि धर्मेंद्र सिंह परिहार को दबोच लिया गया।

    तमंचे और हत्या में प्रयुक्त कार बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और हत्या में प्रयुक्त कार बरामद की गई। घायल आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

    फरार तीन आरोपियों की तलाश जारी

    पुलिस अब हुसैन उर्फ खड्ड, जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और अजय यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

    घटना के खुलसी के लिए प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह मामला जमीनी विवाद के चलते अंजाम दिया गया है। इसलिए घटनास्थल से लेकर आसपास के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरा के फुटेज खंगाले गए। जिनमें हत्यारोपी, उसकी मदद करने वाला बाइक सवार एवं कार से उन्हें ले जाने वाला आरोपी दिखाई दिए। इन सभी को आपस मे एक दूसरे का साथी पाया गया। आज मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए धर्मेंद्र ने पूरे राज से पर्दा उठा दिया। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।
    बीबीजीटीएस मूर्ति, एसएसपी झाँसी