दुबई-चीन से नेपाल के रास्ते भारत पहुंच रहा तस्करी का सोना, तस्करों के लिए बना कमाई का रास्ता
भारत में सोने की ऊंची कीमत का फायदा उठाकर दुबई और चीन से नेपाल के रास्ते बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी हो रही है।

जागरण संवाददाता, कन्नौज। नेपाल के रास्ते भारत में सोने की तस्करी के पीछे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। विशेषज्ञों अनुसार भारत में सोने की कीमत और आयात शुल्क का अंतर तस्करों के लिए बड़ा मुनाफा पैदा करता है। पूर्व में सामने आए मामलों में दुबई के साथ चीन-तिब्बत से नेपाल के रास्ते सोना पहुंचने के मामले सामने आ चुके हैं।
नेपाल को ट्रांजिट रूट बनाकर सोना भारतीय बाजार तक पहुंचाने का नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता है। ऐसे में सीमा पर सक्रिय एजेंसियों के लिए सिर्फ कैरियर पकड़ना ही नहीं, बल्कि दुबई-नेपाल-भारत तक जुड़े अंतरराष्ट्रीय संचालकों और हवाला नेटवर्क की जांच करना भी चुनौती है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चीन में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.34 लाख रुपये, सिंगापुर में 1.45 लाख, दुबई में 1.41 लाख और नेपाल में करीब 1.42 लाख रुपये है।
वहीं, भारत में यही मात्रा करीब 1.55 लाख रुपये की पड़ रही है। यानी आयात शुल्क, जीएसटी और अन्य शुल्क जुड़ने से कीमत में अंतर है। यही अंतर तस्करों के लिए मुनाफे का बड़ा आधार बन गया है।
लगातार हुईं बरामदगी ने बढ़ाई चिंता
अलग-अलग मामलों में हुई कार्रवाई पर नजर डालें तो बीते 22 अगस्त को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त कार से 10 किलो 26 ग्राम सोना बरामद हुआ।
इससे पहले तीन अगस्त को इंदौर एयरपोर्ट पर 1.02 किलो, छह अगस्त को कटनी जंक्शन पर कमर-पेटी में छिपाया गया 748.10 ग्राम और आठ अगस्त को नागपुर में 2.165 किलो सोना पकड़ा गया।
14 अगस्त को भंडारा-नागपुर रेलखंड पर दुरंतो एक्सप्रेस से 1.242 किलो और इंदौर में तीन किलो सोना बरामद हुआ। दिसंबर 2025 में भारत-नेपाल की ठूठीबारी सीमा पर भी 100.610 ग्राम सोने का बिस्किट पकड़ा गया था।
इस प्रकार इन सूचीबद्ध मामलों में ही करीब 18.30 किलो सोना पकड़ा गया है। इससे साफ है कि तस्करी किसी एक रास्ते या माध्यम तक सीमित नहीं है।
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोना बरामदगी के बाद सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सोने की तस्करी रोकने के लिए नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क किया गया है। दोनों तस्करों के पकड़े जाने के बाद पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर तस्करों का नेटवर्क तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
-संजय मिश्रा, कस्टम अधिकारी, सोनौली बार्डर
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