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    होर्मुज संकट में एयर कार्गाे ने बढ़ाए रेट, 50% भाड़ा दर में वृद्धि, यूरोप, मिडिल ईस्ट में घटने लगा निर्यात

    Updated: Tue, 19 May 2026 08:34 PM (IST)

    होर्मुज जलमार्ग बंद होने और युद्ध के खतरों के कारण एयर कार्गो दरों में 50% तक की वृद्धि हुई है। इससे कानपुर से होने वाले हवाई निर्यात में पिछले दो मही ...और पढ़ें

    ये फोटो एआई जनरेटेड है।

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    HighLights

    1. एयर कार्गो दरों में 50% तक की वृद्धि हुई

    2. हवाई निर्यात में 40% की भारी गिरावट दर्ज

    3. मिडिल ईस्ट में बुकिंग और शिपमेंट प्रभावित

    जागरण संवाददाता, कानपुर। होर्मुज जलमार्ग के बंद होने के बाद से ही एयर कार्गो के रेट भी बढ़ गए हैं। औसतन 50 प्रतिशत की भाड़ा दर में वृद्धि ने शहर के निर्यातकों की कमर तोड़ दी है। मिडिल ईस्ट के युद्ध खतरे वाले देशों में एयर शिपमेंट भेजे भी नहीं जा रहे हैं। इससे वायु मार्ग से होने वाला निर्यात भी पिछले दो महीने में 40 प्रतिशत तक कम हो चुका है।

    मिडिल ईस्ट के लिए शहर से खाद्य वस्तुओं के अलावा हैंडीक्राफ्ट , लेदर गुड्स और इंजीनियरिंग पार्टस का निर्यात किया जाता है। इसमें ज्यादातर सामान तो समुद्री जहाज से भेजा जाता है लेकिन सैंपल पीस और छोटे आकार के पार्सल एयर शिपमेंट से भेजे जाते रहे हैं। मिडिल ईस्ट के अलावा यूरोप के लिए भी एयर शिपमेंट को निर्यातक पसंद करते रहे हैं। लेकिन पिछले दो महीने में माल भाड़ा बढ़ाकर एयर कार्गाे कंपनियों ने निर्यातकों की मुश्किल बढ़ा दी है।

    माल भाड़ा बढ़ने से यूरोप समेत कई क्षेत्रों में निर्यात की गति धीमी हो गई है। जिन देशों में आयातक पुराने दर पर ही माल मंगाने पर जोर दे रहे हैं वहां माल भेजने में निर्यातकों को घाटा हो रहा है। ऐसे में एयरशिपमेंट के बजाय समुद्री मार्ग खुलने का इंतजार किया जा रहा है।

    इसके बावजूद जहां हवाई मार्ग से माल भेजा जा रहा है वहां लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ा हुआ किराया देना पड़ रहा है। निर्यातकों के अनुसार जिन देशों में पहले 300 रुपये प्रति किलो की दर से माल जा रहा था अब वहां साढ़े चार सौ रुपये से भी ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। कुवैत और तुर्किए जैसे देशों में माल भेजना भी मुश्किल हो रहा है। हाल ही में विमानन कंपनियों ने भी मिडिल ईस्ट में एयरशिपमेंट की बुकिंग रोक दी है। इसका असर भी निर्यात पर पड़ रहा है। विमानन कंपनियों ने माल भाड़ा बढ़ाने की वजह ईंधन महंगा होना बताया है जबकि इंश्योरेंस कंपनियों ने भी युद्ध की आशंका और समुद्री मार्ग के जोखिम के कारण इंश्योरेंस की दरें बढ़ा दी हैं।

     

    पिछले दो माह के दौरान वायु मार्ग के माल भाड़े में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है। इसका असर निर्यात पर भी पड़ रहा है। दो महीने में एयर शिपमेंट में 40 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। अब एयर कार्गो ने एक सप्ताह के लिए बुकिंग भी कम कर दी है।
    आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक फियो

     

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