OEF हजरतपुर भ्रष्टाचार मामला: CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने दर्ज किए 4 मुकदमे, पूर्व CGM नामजद
सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने कानपुर की आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ) में भ्रष्टाचार के आरोप में चार मुकदमे दर्ज किए हैं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
ओईएफ कानपुर में भ्रष्टाचार के चार मुकदमे दर्ज।
पूर्व मुख्य महाप्रबंधक अमित सिंह पर भी आरोप।
सीबीआई जांच का दायरा अन्य फैक्ट्रियों तक बढ़ेगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। हजरतपुर स्थित आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ) में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच पूरी होने के बाद सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की एंटी करप्शन ब्रांच ने गाजियाबाद में चार मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसमें ओईएफ के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) और जनवरी से अब तक टीसीएल ट्रेनिंग अकादमी में महाप्रबंधक पद पर तैनात अमित सिंह का भी नाम शामिल है।
सीबीआई द्वारा फरवरी माह में आय से अधिक संपत्ति की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद अब भ्रष्टाचार के प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया है। गुरुवार को मुकदमा दर्ज किए जाने का प्रकरण चर्चाओं में आने के बाद ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड यानी टीसीएल मुख्यालय, जीटी रोड में पूरे दिन बैठकों का सिलसिला चला।
चार आयुध निर्माणियाें की जांच करने आ सकती है सीबीआई
शहर में स्थित पांच और देश में आयुध निर्माणियों में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच प्रकरण गरमाया रहा। वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि टीसीएल के अधीन ओईएफ कानपुर और हजरतपुर व ओसीएफ शाहजहांपुर और अवाडी चेन्नई में प्राइवेट फर्मों को दिए गए टेंडरों की जांच शुरू हो सकती है।
जल्द ही सीबीआई की टीम जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीसीएल मुख्यालय और कंपनी के अधीन चार आयुध निर्माणियाें में जांच करने जा सकती है। हालांकि, इस प्रकरण में टीसीएल कंपनी के अधिकारी बात करने से बचते रहे।
बता दें, ओईएफ हजरतपुर में कई फर्मों को गलत तरीके से करोड़ों के टेंडर देने और प्रतिबंधित क्षेत्र में दीवार खड़ी करवाने के मामलों में रिश्वत लेने के आरोप में पूर्व मुख्य महाप्रबंधक समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारियों, फर्म मालिकों को नामजद किया है।