UP Police की बड़ी स्ट्राइक, ड्रोन से कानपुर में पुरानी नहर कोठी की घेराबंदी, साइबर गैंग के 12 ठग गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने ड्रोन की मदद से साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

कानुपर में साइबर ठगों के अड्डे पर छापामारी करने पहुंची टीम व पुलिस गिरफ्त में साइबर ठग। पुलिस
HighLights
रेउना क्षेत्र में ड्रोन की मदद से पुलिस ने साइबर ठगी के अड्डे पर छापा मारकर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया
रेउना थानाक्षेत्र स्थित पुरानी नहर कोठी को बनाया ठिकाना, मोबाइल फोन और नकदी बरामद
अश्लील वीडियो का डर और पीएम आवास का झांसा देकर लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार
जागरण संवाददाता, कानपुर। दक्षिण पुलिस ने एक बार फिर ड्रोन से घेराबंदी करके साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह को ध्वस्त किया है। पुलिस ने गिरोह के 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो गिरसी नहर पुल के पास स्थित पुरानी नहर कोठी को अपना ठिकाना बनाकर अपना शिकार बनाते थे।
यह गिरोह लोगों को फोन कर प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा देता था। वहीं, अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर पुलिस कार्रवाई का भय दिखाते हुए भी आनलाइन रुपये वसूलता था। पुलिस ने मौके से सात एंड्रायड व तीन कीपैड मोबाइल फोन और 3,780 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल नंबरों के खिलाफ समन्वय पोर्टल पर पहले से साइबर ठगी की कई शिकायतें दर्ज मिली हैं।
मिली शिकायतें तो रेउना क्षेत्र की निगरानी बढ़ाई
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि एनसीआरपी, समन्वय और प्रतिबिंब पोर्टल से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रेउना क्षेत्र को निगरानी में रखा गया था। हाल के दिनों में ड्रोन कैमरों के जरिए भी इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। सूचना मिली कि पुरानी नहर कोठी में कुछ युवक संगठित तरीके से साइबर ठगी गिरोह चला रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने परिसर की घेराबंदी कर पहले आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रखी।

इन लोगों को गिरफ्तार किया गया
बातचीत सुनने पर पता चला कि वे खुद को आवास विकास विभाग का कर्मचारी और पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से रुपये मांग रहे हैं। पुष्टि होने पर सभी 12 आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में गिरसी निवासी अतुल कुशवाहा, दहेली निवासी नितेश व मोहित, दुर्गा का पुरवा निवासी पवन, नीलेश, अंकित और साजन, राजपुर मजरा मवई माधो निवासी चंदन सिंह व साजन सिंह, सजेती के पुशुपुर निवासी दीपक कुमार तथा घाटमपुर के चंदनपुर निवासी कमलेश सिंह शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ आइटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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गिरोह फर्जी सिम कार्ड का करते इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी सिम कार्ड और बदले हुए मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। ट्रूकालर, फोनपे, गूगल पे और पेटीएम जैसे इंटरनेट प्लेटफार्म से लोगों का नाम और अन्य जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिलाने के नाम पर 1100 रुपये पंजीकरण शुल्क मांगा जाता था।
इस तरह से ठगते थे
वहीं, लोगों को फोन कर अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया जाता था। गिरोह के अन्य सदस्य फोन पर पुलिस सायरन की आवाज सुनाकर पीड़ितों में दहशत पैदा करते थे, जिससे लोग बिना सत्यापन किए रुपये ट्रांसफर कर देते थे। डीसीपी ने बताया कि आरोपितों के मोबाइल, बैंक खाते, सिम कार्ड और डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में आरोपितों के खातों में करीब एक लाख रुपये तक का लेनदेन सामने आया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं और ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी जाती थी।
रोज 200 से 300 लोगों को करते थे काल
पूछताछ में पता चला कि गिरोह करीब एक वर्ष से सक्रिय था। आरोपित प्रतिदिन 200 से 300 लोगों को फोन करते थे, जिनमें से 10 से 12 लोग उनके झांसे में आ जाते थे। पुलिस का मानना है कि गिरोह ने अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया है। अब शिकायतों का मिलान कर पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जाएगा।
सात अप्रैल को भी ड्रोन से पकड़े गए थे 20 ठग
साइबर ठगों के लिए रेउना क्षेत्र सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा था। सात अप्रैल को भी पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद से इसी इलाके में कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने वाले 20 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के प्रयास में लग गई है।