जनगणना में आपकी भागीदारी क्यों है जरूरी? पढ़ें कानपुर DM जितेन्द्र प्रताप सिंह का विशेष साक्षात्कार
कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनगणना 2027 के पहले चरण, स्व-गणना पर जानकारी दी है। यह प्रक्रिया 7 से 21 मई तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ...और पढ़ें
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जितेन्द्र प्रताप सिंह,जिलाधिकारी। जागरण
HighLights
जनगणना 2027 के पहले चरण से पहले सात से 21 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया आज से शुरू
स्वगणना अभियान को लेकर कानपुर जिलाधिकारी ने दैनिक जागरण संवाददाता से की विशेष बातचीत
जागरण संवाददाता, कानपुर। जनगणना 2027 के पहले चरण से पहले सात से 21 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया आज से शुरू होगी। इस दौरान आनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराने के साथ ही स्व-जनगणना की जा सकती है। स्वगणना और जनगणना कार्य के दौरान 33 सवालों के जवाब देने होंगे।
स्वगणना अभियान को लेकर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने दैनिक जागरण संवाददाता से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्वगणना और जनगणना से संबंधित सभी सवालों का जवाब देते हुए आशंकाओं का समाधान भी दिया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। पेश हैं जिलाधिकारी से हुई बातचीत के कुछ अंश...
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— Anurag shukla (@Aanuragshukla) May 7, 2026
- जनपद में जनगणना 2027 के पहले चरण की क्या तैयारी है?
- जनगणना 2027 के तहत पहला चरण, यानी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगी, लेकिन सात मई से 21 मई तक स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की अवधि निर्धारित की गई है। स्व-गणना एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी आनलाइन पोर्टल पर दर्ज करते हैं। यह पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। परिवार का कोई भी सदस्य लगभग 15 से 20 मिनट में यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। यह एक सरल और सुरक्षित आनलाइन व्यवस्था है।
- स्वगणना के बाद क्या प्रक्रिया क्या होगी?
- स्वगणना में कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। यह प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद एच से शुरू होने वाली 11 अंकों की एक यूनिक स्वगणना आइडी जेनरेट होगी। यह आइडी एसएमएस और ईमेल के माध्यम से स्वत: मिल जाएगी। मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक को यह आइडी दिखानी होगी, जिससे जानकारी का सत्यापन हो जाएगा। इसमें कोई दस्तावेज नहीं दिखाने होगे। पहले स्वयं पंजीकरण करके स्वगणना करनी होगी, इसके बाद प्रगणक घर मिलान का कार्य करेंगे।
- स्वगणना और मकान सूचीकरण में क्या अंतर है?
- स्वगणना में नागरिक स्वयं अपनी जानकारी आनलाइन दर्ज करेंगे, यह अभियान सात से 21 मई तक चलेगा। जबकि मकान सूचीकरण (एचएलओ) के दौरान जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। स्वगणना पहले होती है और इससे मकान सूचीकरण की प्रक्रिया अधिक सरल और सटीक हो जाती है। अगर किसी के पास स्मार्टफोन नहीं है, तो 22 से शुरू होने वाले अभियान में जानकारी दे सकते हैं।
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- किसी समस्या के लिए क्या सहायता कैसे मांग सकते हैं?
- यदि स्वगणना के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है, तो नागरिक जनगणना विभाग की हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। यह टोल फ्री नंबर है, जिसमें स्वगणना करने की पूरी जानकारी प्रदान की जा सकती है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर सरकारी कर्मियों और अधिकारी से भी इसकी जानकारी ली जा सकती है।
- नागरिकों के लिए आपका संदेश क्या है?
- जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे निर्धारित अवधि में स्वगणना अवश्य करें और सही जानकारी दर्ज करें। आपकी सहभागिता से ही सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियांवयन संभव होगा। सात से 21 मई तक विशेष जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे स्वयं और अपने परिवार के साथ स्वगणना करें। साथ ही स्व-गणना करते समय की फोटो इंटरनेट मीडिया और वाट्सऐप स्टेटस पर साझा कर अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। मैंने भी अवधी भाषा में पत्र लिखकर लोगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है।
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