Census 2027: कानपुर में जनगणना का बिगुल, 7 मई से स्व-जनगणना, यहां जानें डाटा भरने का पूरा तरीका
कानपुर में भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना 2027 का अभियान 7 मई से स्व-जनगणना के साथ शुरू होगा। नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
7 से स्व-जनगणना, 22 मई से घर-घर जाकर होगी जनगणना
12 हजार कर्मी डिजिटल जनगणना में जुटेंगे, दो चरण में होगी
पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना, सात मई से शुरू होगा अभियान
कलक्ट्रेट में जनगणना कार्यालय, एडीएम वित्त एवं राजस्व को जिम्मेदारी
जागरण संवाददाता, कानपुर। भारत की जनगणना 2027 देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी। प्रशासन का कहना है कि यह नई व्यवस्था डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। दो चरणों में होने वाली यह जनगणना देश के हर व्यक्ति और हर घर की जानकारी डिजिटल तरीके से दर्ज करेगी।
केंद्र सरकार जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये का बजट खर्च कर रही है। यह पूरी जनगणना प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफार्म पर पहली बार होगी, जिसमें कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। सात मई से स्व-जनगणना का कार्य शुरू होगा, जिसमें कोई भी व्यक्ति मोबाइल एप के माध्यम से स्वगणना कर सकता है।
स्व-जनगणना में कोई भी भारतीय नागरिक स्वयं आनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक यूनिक कोड मिलेगा। गणना अधिकारी के घर आने पर उसी कोड को दिखाकर सत्यापन किया जाएगा। इससे समय की बचत के साथ डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी। जबकि प्रशासनिक जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून के बीच होगा। इस दौरान घर-घर जाकर गणना कार्मिक हाउसिंग जनगणना का कार्य करेंगे। दूसरा चरण नौ से 28 फरवरी के बीच जनसंख्या की गणना की जाएगी। इसको लेकर जिले में 12 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण पूरा हो गया है।
ऐसे कर सकते हैं स्व-जनगणना
जनगणना के आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं। इसके बाद अपना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश चुनें, कैप्च कोड भरें और परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करके लागिन करें। 16 भारतीय भाषाओं के विकल्प मिलेंगे। जिसमें अपनी पसंद की भाषा का चयन करके 33 सवालों को जवाब देकर स्व-जनगणना कर सकते हैं। इसके साथ ही मोबाइल एप एचएलओ (हाउस लिस्टिंग आपरेशन) को अपलोड करके स्व-जनगणना का कार्य किया जा सकता है।
खबरें और भी
नहीं दिखाने होंगे कोई साक्ष्य
जनगणना अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व डा. विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि जनगणना के दौरान कोई सरकारी दस्तावेज नहीं प्रस्तुत करने होंगे, केवल जनगणना कार्मिकों को जो जानकारी दी जाएगी, उसको दर्ज किया जाएगा। अगर स्व-जनगणना कोई नागरिक स्वयं कर चुका होगा तो उसे जनगणना नंबर देना होगा, जो मोबाइल ऐप में विवरण दर्ज करने के दौरान मिलेगा।
वर्ष 2011 की जनगणना का विवरण
| विवरण | जनसंख्या (हजार में) |
|---|---|
| कुल जनसंख्या | 45 लाख 81 हजार |
| पुरुष | 24 लाख 60 हजार |
| स्त्री | 21 लाख 21 हजार |
ग्रामीण-नगरीय जनसंख्या (2011)
| क्षेत्र | जनसंख्या |
|---|---|
| ग्रामीण | 15 लाख 66 हजार |
| नगरीय | 30 लाख 15 हजार |
वर्ष 2011 जनगणना - जनसंख्या विवरण
| श्रेणी | जनसंख्या (हजार में) |
|---|---|
| कुल जनसंख्या | |
| कुल | 45,81,000 |
| पुरुष | 24,60,000 |
| स्त्री | 21,21,000 |
| ग्रामीण-नगरीय जनसंख्या | |
| ग्रामीण | 15,66,000 |
| नगरीय | 30,15,000 |
| अनुसूचित वर्ग | |
| अनुसूचित जाति | 8,17,000 |
| अनुसूचित जनजाति | 3,76,000 |
साक्षर व्यक्तियों की संख्या (जनगणना 2011)
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल साक्षर | 32 लाख 43 हजार |
| पुरुष | 18 लाख 29 हजार |
| स्त्री | 14 लाख 13 हजार |
निर्वाचन क्षेत्र एवं प्रशासनिक इकाइयाँ
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| लोकसभा क्षेत्र | 2 |
| विधानसभा क्षेत्र | 10 |
| तहसील | 4 |
| सामुदायिक विकास खंड | 10 |
| जनसेवा केंद्र | 1689 |
| ग्राम पंचायत | 590 |
जनगणना में पूछे जाने वाले प्रश्न
| क्रमांक | प्रश्न विवरण |
|---|---|
| 1 | भवन नंबर (नगर/स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर) |
| 2 | जनगणना मकान नंबर |
| 3 | मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री |
| 4 | मकान की दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री |
| 5 | मकान की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री |
| 6 | मकान का उपयोग |
| 7 | मकान की हालत |
| 8 | परिवार क्रमांक |
| 9 | परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या |
| 10 | परिवार के मुखिया का नाम |
| 11 | परिवार के मुखिया का लिंग |
| 12 | क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य वर्ग से संबंधित है |
| 13 | मकान के स्वामित्व की स्थिति |
| 14 | परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या |
| 15 | परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या |
| 16 | पेयजल का मुख्य स्रोत |
| 17 | पेयजल स्रोत की उपलब्धता |
| 18 | प्रकाश का मुख्य स्रोत |
| 19 | शौचालय की उपलब्धता |
| 20 | शौचालय का प्रकार |
| 21 | गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था |
| 22 | खानगृह (किचन) की उपलब्धता |
| 23 | रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता |
| 24 | खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन |
| 25 | रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता |
| 26 | टेलीविजन की उपलब्धता |
| 27 | इंटरनेट सुविधा |
| 28 | लैपटाप/कंप्यूटर की उपलब्धता |
| 29 | टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन |
| 30 | साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड |
| 31 | कार/जीप/वैन |
| 32 | परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज |
| 33 | मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए) |
7 मई से स्व-जनगणना का कार्य शुरू होगा। कोई भी भारतीय नागरिक मोबाइल एप के माध्यम से 33 सवालों का जवाब देकर स्वगणना कर सकता है। 22 मई के बाद स्वगणना का करने वाले व्यक्ति को केवल मोबाइल में आए कोड की जानकारी जानकारी देनी होगी। जनगणना के दौरान कोई भी दस्तावेज दिखाना अनिवार्य नहीं हैं। केवल जानकारी उपलब्ध करानी है।
डा.विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व
यह भी पढ़ें- कचरे से कमाई! कानपुर नगर निगम का मास्टर प्लान, नागपुर माडल पर भाऊसिंह पनकी में कूड़े से बनेगी CNG