105 साल पुराने HBTU Kanpur के बिजली आपूर्ति ढांचे का 5 मिनट में रोडमैप तैयार कर गए गोल्ड मेडलिस्ट प्रज्ञान, जानें बैकअप प्लान
एचबीटीयू कानपुर के दीक्षा समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट प्रज्ञान वर्मा ने परिसर की बिजली आपूर्ति और ऑनलाइन व्यवस्था सुधार का दैनिक जागरण के साथ रोडमैप बता ...और पढ़ें

प्रज्ञान वर्मा। जागरण
HighLights
गोल्ड मेडलिस्ट प्रज्ञान ने बिजली आपूर्ति सुधार का रोडमैप बताया
रैना दीक्षित को 15 लाख का पैकेज, तनिष्का सरकारी सेवा में
कुशाग्र को एक्सान मोबिल में, दिग्जया को 17.3 लाख का पैकेज
जागरण संवाददाता, कानपुर। एचबीटीयू के दीक्षा समारोह में इस बार केवल उपलब्धियों का जश्न ही नहीं मना, बल्कि परिसर की व्यावहारिक व्यवस्थाओं और भविष्य के तकनीकी सुधारों पर भी गंभीर मंथन हुआ। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने भावी इंजीनियरों को व्यवस्था सुधार के लिए प्रेरित किया तो चांसलर गोल्ड मेडल पाने वाले प्रज्ञान वर्मा ने दैनिक जागरण से बातचीत में संस्थान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार का रोडमैप भी बताया।
105 साल पुराने एचबीटीयू में बिजली आपूर्ति व्यवस्था के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के मेधावी छात्र प्रज्ञान ने आनलाइन पोर्टल पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन से लेकर हास्टल आवंटन तक विभिन्न गतिविधियों को पूरी तरह आनलाइन पोर्टल के जरिए और अधिक आसान करने की जरूरत है। जब मैनेजमेंट बेहतर और स्ट्रीमलाइन होगा, तो सुविधाएं छात्रों तक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगी। यूनिवर्सिटी परिसर में होने वाले फाल्ट और पावर कट की समस्या को दूर करने के लिए छात्रों व शिक्षकों की एक विशेष टीम का गठन किया जाए जो हर हास्टल और परिसर के उन संवेदनशील हिस्सों का डेटा एकत्र करेगी जहां फाल्ट होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है।
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से यह ट्रैक किया जाएगा कि बिजली के फाल्ट किस मौसम में या किन परिस्थितियों (जैसे तूफान या आंधी) में आते हैं, ताकि पहले से बैकअप प्लान तैयार रहे। परीक्षाओं के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए रात के समय हास्टलों में एक टीम तैनात की जानी चाहिए। किसी भी मुख्य लाइन में फाल्ट होने पर जनरेटर या अन्य वैकल्पिक माध्यमों से एक निश्चित समय तक बिना रुकावट बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करनी होगी।
रजत पदक जीतने वाली रैना दीक्षित को मिला 15 लाख का पैकेज
शहर के गुमटी नंबर पांच के पास रहने वाली कंप्यूटर साइंस की छात्रा रैना दीक्षित को कुलाधिपति रजत पदक मिला है। बीटेक पूरा होने के साथ ही उन्हें बेंगलुरु स्थित एक प्रमुख डेटा स्टार्टअप कंपनी ''''एक्सेल डेटा'''' में नौकरी मिल गई है। 15 लाख रुपये प्रति वर्ष के शानदार पैकेज पर काम करते हुए वह अगले दो से तीन साल अपने करियर को देना चाहती हैं जहां उन्हें ''''डेटा आब्जर्वेबिलिटी'''' के क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सिल्वर मेडल के लिए कोई बहुत अलग रणनीति नहीं थी, बल्कि अपनी पढ़ाई के प्रति निरंतरता और ईमानदारी ही उनके इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य आधार रही है।
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मुरादाबाद की बेटी तनिष्का का लक्ष्य सरकारी सेवाएं
इंजीनियरिंग के अधिकांश छात्र मल्टीनेशनल कंपनियों में भारी-भरकम पैकेज को प्राथमिकता देते हैं, वहीं चांसलर ब्रांज मेडल पाने वाली मुरादाबाद की तनिष्का (कंप्यूटर साइंस) ने एक अलग राह चुनी है। कैंपस प्लेसमेंट के बजाय सरकारी क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया है। देश की प्रतिष्ठित गेट परीक्षा को पास करने के बाद अब वह पीएसयू (सार्वजनिक उपक्रम संस्था) और अन्य उच्च स्तरीय सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई हैं। उनके पिता यतींद्र दत्त शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं और बतौर शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता एक कुशल गृहणी हैं। तनिष्का अपने पूरे परिवार में पहली इंजीनियर हैं।
कुशाग्र गर्ग को एक्सान मोबिल में मिला 15 लाख का पैकेज
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र कुशाग्र गर्ग का चयन अमेरिका की सुप्रसिद्ध आयल एंड गैस कंपनी, एक्सान मोबिल में हुआ है। कंपनी ने उन्हें 15 लाख रुपये वार्षिक का बेहतरीन पैकेज आफर किया है। मूल रूप से मेरठ के रहने वाले कुशाग्र गर्ग को कंपनी में सप्लाई चेन मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मेरा पूरा ध्यान इसी कंपनी में आगे बढ़ने और खुद को ग्रूम करने पर है। अच्छे चयन के लिए आपको अपनी बात सही ढंग से कहनी आनी चाहिए। चूंकि कार्पोरेट में आपको सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के क्लाइंट्स के साथ डील करना होता है, इसलिए बेहतर संवाद क्षमता बेहद जरूरी है।
दिग्जया चौहान को मिला 17.3 लाख का पैकेज ,कार्पोरेट के बाद करेंगी उच्च शिक्षा का रुख
आइटी से बीटेक करने वाली मेरठ की दिग्जया चौहान ने करियर की बेहतरीन शुरुआत की है। उन्हें प्रसिद्ध ट्रेडिंग कंपनी ने नोएडा में 17.3 लाख रुपये वार्षिक का शानदार पैकेज दिया है। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन साल तक कार्पोरेट सेक्टर में रहकर काम करने के बाद हायर एजुकेशन की ओर रुख करूंगी, जहां मेरा इरादा एमटेक या एमबीए करने का है। उनके पिता अमित कुमार स्वयं एक इंजीनियर हैं। जबकि मांग पूजा चौहान घर संभालती हैं।
बेंगलुरू में मिला 15 लाख का पैकेज
कंप्यूटर साइंस के छात्र अभिषेक निगम को बेंगलुरु की कंपनी एक्सेल डाटा 15 लाख रुपये प्रति वर्ष का शानदार पैकेज मिला है।शहर के लाल बंगला क्षेत्र के निवासी अभिषेक के माता - पिता दोनों ही शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं और निजी स्कूल का संचालन करते हैं। अभिषेक ने बताया कि फिलहाल मेरा पूरा ध्यान इसी कंपनी में आने वाले कुछ वर्षों तक लगकर काम करने का है। तकनीकी और कार्पोरेट क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए बड़ी सफलताएं हासिल करना चाहता हूं।