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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ITR Filing: रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाने की मांग, ICAI ने गिनाईं दिक्कतें

    Updated: Fri, 19 Jul 2024 08:12 PM (IST)

    31 जुलाई को रिटर्न फाइल करने का अंतिम दिन है। आइसीएआइ ने रिटर्न फाइल करने की दिक्कतें गिनाकर समय बढ़ाने की मांग की है। पत्र लिखकर बताया गया है कि करदा ...और पढ़ें

    आइसीएआइ ने रिटर्न फाइल करने की दिक्कतें गिनाकर समय बढ़ाने को कहा - प्रतीकात्मक तस्वीर।
    आइसीएआइ ने रिटर्न फाइल करने की दिक्कतें गिनाकर समय बढ़ाने को कहा - प्रतीकात्मक तस्वीर।

    HighLights

    1. वार्षिक सूचना विवरण में दिख रहे आंकड़ों में गड़बड़ी, ठीक करने में लग रहा समय
    2. 31 जुलाई तक फाइल किया जाना है वित्तीय वर्ष 2023-24 का आयकर रिटर्न

    जागरण संवाददाता, कानपुर। आयकर का रिटर्न फाइल करने में कुछ दिन ही और बचे हैं। 31 जुलाई को रिटर्न फाइल करने का अंतिम दिन है। इस बीच इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया (आइसीएआइ) ने रिटर्न फाइल करने में आ रही दिक्कतें बता वित्त मंत्रालय को अंतिम तारीख बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है। यह पत्र इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया की प्रत्यक्ष कर समिति के चेयरमैन पीयूष एस छाजड़ ने वित्त मंत्रालय को लिखा है।

    बात चाहे टैक्स सलाहकारों की हो या चार्टर्ड अकाउंटेंट की, इस समय सभी पूरे जोरशोर से आयकर रिटर्न फाइल करने में जुटे हुए हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि 31 जुलाई तक सभी को अपने रिटर्न फाइल कर लेने हैं। इसके बाद रिटर्न फाइल करने में विलंब शुल्क लगेगा।

    रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाने की मांग

    इधर रिटर्न फाइल करने में आ रही दिक्कतों को लेकर आइसीएआइ की प्रत्यक्ष कर कमेटी की ओर से पत्र लिखकर रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाने की मांग की गई है। पत्र में बताया गया है कि फार्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण (एआइएस) और करदाता सूचना सारांश (टीआइएस) में खुद ही करदाता के बहुत से आंकड़े रहते हैं।

    इससे राहत तो होती है लेकिन बहुत से मौकों पर पहले से दिए गए ये आंकड़े गड़बड़ भी हो जाते हैं। इसकी वजह से करदाताओं को रिटर्न फाइल करने में बहुत मुश्किल होती है। साथ ही ध्यान न देने पर रिटर्न ही गलत फाइल हो जाता है। इसके अलावा जो करदाता इन पहले से दिए गए आंकड़ों को ठीक करने का प्रयास करते हैं तो वह भी उनके लिए बहुत आसान नहीं होता।

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    टीआइए में जो अपडेट किए जाते हैं, उनमें काफी समय लगता है। सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल की सीपीई कमेटी के चेयरमैन अतुल मेहरोत्रा के मुताबिक यह पत्र देकर संस्थान की ओर से रिटर्न फाइल करने का समय बढ़ाने की मांग की गई है।

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