IIT Kanpur Convocation: परिवार के पहले IITian बने सागर, कैंपस प्लेसमेंट में मिला Apple का सपनों वाला ऑफर
आईआईटी कानपुर के दीक्षांत समारोह में कई छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सागर केवी को एप्पल में नौकरी मिली, आदित्य वी ने उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख क ...और पढ़ें

आईआईटी के 59वें दीक्षा समारोह में प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल सागर केवी को प्रदान करते डा. पवन गोयनका साथ में निदेशक मणीन्द्र अग्रवाल (दाएं) व जयंत डी पाटिल (बाएं)। जागरण
HighLights
सागर केवी को एप्पल में नौकरी, प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल मिला।
आदित्य वी ने उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख का ऑफर छोड़ा।
प्रिया शर्मा ने बच्चों की देखरेख करते हुए ई-मास्टर्स डिग्री ली।
जागरण संवाददाता, कानपुर। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग से 10 सीपीआइ (उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन) कर प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल पाने वाले आंध्रप्रदेश के सागर केवी ने बताया कि वह अपने परिवार के पहले आइआइटियन व गोल्ड मेडलिस्ट है। उन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनी एप्पल ने साफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी दी है। पिता विजय कुमार बिजनेसमैन व मां भव्याश्री गृहणी हैं, बहन अक्षया अभी पढ़ाई कर रही है। दक्षिण भारत से आने के कारण शुरुआत में थोड़ा मुश्किल हुई। खानपान की समस्या थी, लेकिन दोस्तों के साथ सब कुछ आसान हो गया। अभी कुछ साल तक नौकरी करने के बाद उच्च शिक्षा पर ध्यान देंगे।
इसी तरह स्टैस्टिक्स एंड डाटा साइंस विभाग में 9.5 सीपीआइ के साथ चार वर्षीय पाठ्यक्रम में निदेशक स्वर्ण पदक पाने वाले मूलरूप से बेंगलुरु निवासी आदित्य वी ने बताया कि स्टैस्टिक्स का क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। यहां आकर जो सीखा है, उससे अब मेडिकल क्षेत्र में एआइ आधारित सुविधाओं को विकसित करने का लक्ष्य है। अपना स्टार्टअप भी शुरू करेंगे, इसलिए 20 लाख रुपये का आफर छोड़ दिया। अब स्विट्जरलैंड की ईटीएच यूनिवर्सिटी से एमएससी और पीएचडी करेंगे। बताया कि पिता वेंकेटेश्वर एक साफ्टवेयर कंपनी में वाइस प्रेसीडेंट और मां ज्योति कृष्णा समाजसेविका हैं। बहन आइआइटी हैदराबाद से पढ़ाई कर रही हैं।
राधिका के हास्टल रूम में हैं 250 किताबें, क्वांटम फिजिक्स में करेंगी शोध
डा. शंकरदयाल शर्मा अवार्ड प्राप्त करने वाली फिजिक्स की छात्रा राधिका प्रसाद का पारिवारिक माहौल भी विज्ञानियों का है। पिता प्रो. राजेश प्रसाद आइआइटी दिल्ली के मैटीरियल साइंस विभाग में शिक्षक हैं तो मां डा. रचना प्रसाद भी साइंटिस्ट हैं और आइआइटी दिल्ली से पीएचडी कर चुकी हैं। प्रो. एचसी वर्मा को अपना आदर्श मानने वाली राधिका ने बताया कि एक स्टार्टअप में नौकरी का आफर है। एमएससी करने के बाद पीएचडी का क्षेत्र भी खुला हुआ है। अभी पूरा फैसला नहीं है लेकिन परिवार का अकादमिक माहौल रिसर्च के लिए प्रेरित कर रहा है। यहां आकर प्रो. एचसी वर्मा से मिलना हुआ। मुझे पढ़ने का शौक है। हास्टल रूम में 250 किताबें हैं। एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा की पुस्तक पसंदीदा पुस्तकों में है।
पिता को खोने के बाद भी नहीं डिगा ऋत्विक शंकर का हौसला
पांच वर्षीय पाठ्यक्रम में निदेशक स्वर्ण पदक पाने वाले ऋत्विक शंकर को हरियाणा के गुरुग्राम की कंपनी लैट एयरोस्पेस ने मौका दिया है। वह बताते हैं कि साफ्ट इंजीनियर पिता शिवशंकर का पिछले साल निधन होने से खुशियां थोड़ी कम हैं। आज वह यहां होते तो ज्यादा अच्छा लगता। मां नीतू सिंह गृहिणी हैं। एयरोस्पेस का क्षेत्र आकर्षित करता है। कुछ साल नौकरी करने के बाद एमटेक और पीएचडी करने का भी इरादा है। यहां संस्थान में आकर मानसिक मजबूती को बढ़ाने का मौका मिला। इसके लिए सकारात्मक लोगों का साथ मिलना जरूरी है।
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पढ़ाई के साथ खेल में भी बेहतर प्रदर्शन
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के ध्रुव बुद्धदेव को रतन स्वरूप मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार आलराउंडर छात्र को दिया जाता है जिसने क्लासरूम के साथ ही अन्य गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन किया हो। 9.4 सीपीआइ के साथ ही उन्होंने इंटर आइआइटी में टेबल टेनिस में सिल्वर पदक भी जीता है। बेंगलुरु में लैंड रोवर ने उन्हें कैंपस प्लेसमेंट दिया है। वह मूलरूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं। उनके पिता हितेश बुद्धदेव बिजनेसमैन और मां श्रद्धा एमएसयू बड़ौदा के एमएसयू कालेज में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं।
घर और बच्चों को संभालते हुए हासिल की ई-मास्टर्स डिग्री
आइआइटी के दीक्षा समारोह में नई दिल्ली की प्रिया शर्मा को ई-मास्टर्स डिग्री इन फाइनेंशियल टेक्नोलाजी एंड मैनेजमेंट की उपाधि दी गई है। नई दिल्ली की रहने वाली प्रिया शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने दो छोटे बच्चों की देखरेख करते हुए यह डिग्री प्रोग्राम पूरा किया है। आइआइटी के ई-मास्टर्स डिग्री प्रोग्राम ने उन्हें घर संभालते हुए दोबारा शैक्षिक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। सभी चुनौतियों को जीतकर यह डिग्री मिली है।