PM की अपील के बाद सहमा कानपुर का सराफा बाजार, 7 हजार कारीगरों पर बेरोजगारी का संकट, बुलियन बैंक की उठी मांग
प्रधानमंत्री मोदी की अनावश्यक सोने की खरीद टालने की अपील से कानपुर का सराफा बाजार सहम गया है। इससे 7,000 कारीगरों की बेरोजगारी और 50,000 परिवारों के स ...और पढ़ें

अखिल भारतीय स्वर्णकार परिषद की बैठक में उपस्थित कारोबारी। संगठन
HighLights
सराफा काराेबार से जुड़े 50 हजार से अधिक परिवारों का संकट बढ़ेगा
सात हजार से ज्यादा कारीगर सराफा बाजार के लिए करते हैं काम
बुलियन बैंक की सहायता से घरों में रखे निष्क्रिय सोने को बाजार में लाएं
जागरण संवाददाता, कानपुर। एक साल तक सोना की गैर जरूरी खरीद टालने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील से सोमवार को सराफा बाजार सहमा रहा। कारोबारियों ने देशहित में प्रधानमंत्री के फैसले का समर्थन किया लेकिन सराफा बाजार के सामने उत्पन्न होने वाली नकारात्मक स्थितियों से बचाने की गुहार भी लगाई है।
कारोबारियों का दावा है कि अकेले कानपुर में 50 हजार से ज्यादा परिवारों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। सात हजार से ज्यादा सराफा कारीगर बेरोजगार हो सकते हैं। इसलिए बुलियन बैंक और दोबारा जेवर बनवाने पर टैक्स छूट दिए जाने से संबंधी प्रस्तावों को लागू करने का सुझाव दिया है।
छह महीने से उतार चढ़ाव का सामना कर रहा सराफा बाजार
सराफा बाजार पिछले पांच से छह महीनों से बड़े उतार - चढ़ाव का सामना कर रहा है। चांदी और सोना पिछले साल के मुकाबले कई गुणा ज्यादा महंगा हो गया है। बाजार में जेवरात की डिमांड भी घटी हुई है। ऐसे में सोने की गैरजरूरी खरीद से बचने की सलाह से बाजार में निराशा का माहौल है। अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद की सोमवार को आयोजित एक आपातकालीन बैठक में कारोबारियों ने साफ कहा कि इस तरह के फैसले न केवल सर्राफा बाजार को तबाह कर देंगे, बल्कि आम जनता के आर्थिक सुरक्षा चक्र को भी तोड़ देंगे। आयात घटाने के लिए विदेशी सामानों, विशेषकर चीन से आने वाली वस्तुओं पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए और सांसदों-विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी खर्चों में कमी की जाए।
3.5 करोड़ लोगों के रोजगार पर पड़ेगा असर
आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआइजेजीएफ ) ने कहा कि इससे भारतीय ज्वेलरी और बुलियन सेक्टर से जुड़े लगभग 3.5 करोड़ लोगों के रोजगार और उनके परिवारों के जीवन-यापन पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। छोटे दुकानदार, पारंपरिक सुनार, कारीगर, रिफाइनर, हालमार्किंग सेंटर और दिहाड़ी मजदूर को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
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सरकार की चिंता पर सहमति
फेडरेशन ने विदेशी मुद्रा और आयात बिल को लेकर सरकार की चिंताओं पर सहमति जताई और समाधान के तौर पर घरों और मंदिरों में पड़े 'निष्क्रिय सोने' को उत्पादक अर्थव्यवस्था में लाने के लिए एक रेगुलेटेड बुलियन बैंक बनाने की जरूरत बताई। जो जमा सोने पर लोगों को ब्याज दें और जरूरत पड़ने पर वह अपना सोना वापस ले सकें।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को और आकर्षक बनाने के साथ ही जमा सोने पर टैक्स शून्य किए जाने से आयात घट जाएगा। इससे सालाना 200 से 300 टन सोने का आयात कम हो सकता है।
- पंकज अरोरा,अध्यक्ष आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन
वैश्विक बुलियन-ज्वेलरी हब बनाने के लिए 'मांग कम करने' के बजाय 'इकोसिस्टम को आधुनिक बनाने' पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विलासितापूर्ण वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाकर व्यापार घाटा संतुलित किया जा सकता है।
- रामकिशोर मिश्रा, मंत्री उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि घरों में रखा सोना अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में आ सके और आयात कम हो। विदेशी सामानों, विशेषकर चीन से आने वाली वस्तुओं पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए। सांसदों-विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी खर्चों में कमी की जाए।
- पुष्पेंद्र जायसवाल , अध्यक्ष अखिल भारतीय स्वर्णकार परिषद