कानपुर में अब संकरे रास्तों पर भी पास होगा घर का नक्शा? विधायक की पैरवी के बाद बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव के संकेत
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कानपुर में भवन नक्शा पास करने के लिए नौ मीटर सड़क की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है। उन्होंने प्रमुख सचिव से नई बिल्डि ...और पढ़ें
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HighLights
सपा विधायक ने 9 मीटर सड़क अनिवार्यता खत्म करने की मांग की
पुराने घनी आबादी वाले क्षेत्रों को राहत देने पर जोर दिया
प्रमुख सचिव ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है
जागरण संवाददाता, कानपुर: भवन का नक्शा पास करने के लिए नौ मीटर चौड़ी सड़क होना अनिवार्यता के चलते दो सौ मुहल्ले फंसे हुए है। इस मामले को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया तो जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद से नई बिल्डिंग बायलाज 2025 में भवनों के नक्शा पास होने पर संशोधन कराने को कहा, ताकि जनता को राहत मिल सके।
सपा विधायक ने बताया कि नए बिल्डिंग बायलाज से उत्पन्न हो रही व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में प्रमुख सचिव को विस्तृत पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि पुराने एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र, जैसे मेस्टन रोड, हालसी रोड एवं आसपास के इलाके अंग्रेजी शासनकाल से विकसित एवं आबाद हैं, लेकिन व्यवहारिक रूप से उन्हें पुराने बिल्ट-अप एरिया के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नए बिल्डिंग बायलाज के तहत नौ मीटर चौड़ी सड़क की अनिवार्यता लागू किए जाने के कारण इन पुराने क्षेत्रों में भवन मानचित्र स्वीकृत कराने में लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर इससे कम चौड़ी सड़कें है। लोग अपने पुराने भवनों के पुनर्निर्माण व मरम्मत कार्य भी नहीं करा पा रहे हैं, जिससे नागरिकों में असमंजस एवं भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
विधायक अमिताभ बाजपेई ने मांग की कि जो क्षेत्र दशकों पूर्व से विकसित एवं आबाद हैं, उन्हें पुराने बिल्ट-अप एरिया के रूप में मान्यता प्रदान की जाए तथा नए बिल्डिंग बायलाज मुख्य रूप से नवीन विकसित क्षेत्रों में ही प्रभावी रूप से लागू किए जाएं। साथ ही इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर आम जनता को राहत प्रदान की जाए।
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इसके अलावा आवास व_विकासपरिषद की योजनाओं के तहत अधिसूचित ग्रामों में केडीए द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्यवाहियों का मुद्दा भी रखा। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों को आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 की धारा-28 के तहत अधिसूचित किया गया है, वहां भवन मानचित्र स्वीकृति एवं निर्माण संबंधी कार्यवाही परिषद के अधीन होनी चाहिए। इसके बावजूद केडीए द्वारा हस्तक्षेप किए जाने से भवन स्वामियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर रोक लगाई जाए। प्रमुख सचिव ने कहा कि आवश्यक परीक्षण करके उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।