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    कानपुर में 12 बैंकों के 68 खातों में 3200 करोड़ का लेनदेन, महफूज आलम समेत छह पर चार्जशीट, ED की जांच जारी

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 06:24 AM (IST)

    कानपुर में महफूज आलम ने 12 बैंकों के 68 खातों से 3200 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन कर जुर्म का साम्राज्य खड़ा किया था। पुलिस ने महफूज समेत छह आरोपितों क ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. चकेरी थाने में दर्ज एक मुकदमे के आरोपित महफूज आलम समेत छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट लगी

    2. जेल भेजे गए गिरोह के सात आरोपितों पर गैंग्स्टर की कार्रवाई के लिए उनकी संपत्ति कर रही चिह्नित

    3. पूरे प्रकरण में प्रवर्तन निदेशायल भी मुकदमा दर्ज कर बैंकिंग लेनदेन व आय के श्रोतों की कर रही जांच

    जागरण संवाददाता, कानपुर। 12 बैंकों के 68 खातों में 3200 करोड़ का अवैध लेनदेन कर महफूज आलम ने ही जुर्म का साम्राज्य तैयार किया था। उसके गिरोह के राजदार भी इस साम्राज्य में साझीदार रहे, लेकिन पुलिस ने महफूज के इस जुर्म के साम्राज्य को जमीदोंज कर गिरोह के 10 आरोपितों को सलाखों के पीछे भेज दिया। आरोपितों पर दर्ज छह मुकदमों में एक मुकदमे के महफूज समेत छह आरोपितों के खिलाफ चकेरी थाना पुलिस ने चार्जशीट लगाई है।

    डीसीपी पूर्वी ने अन्य पांच मुकदमों में भी जल्द चार्जशीट लगने की बात कही है। इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मुकदमा दर्ज कर गिरोह के बैंकिंग लेनदेन व आय के श्रोतों व संपत्ति का ब्योरा जुटा जांच कर रही है।

    क्राइम ब्रांच व चकेरी और जाजमऊ थाना पुलिस ने 3200 करोड़ से अधिक के अवैध लेनदेन के मास्टरमाइंड स्लाटर हाउस व स्क्रैप कारोबारी जाजमऊ के जेके कालोनी निवासी महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी, साले महताब आलम, उसके बेटे मासूम, गिरोह के राजदार फिरोज खान, यशोदा नगर के संजीव दीक्षित व महफूज का बेटे फैज, नितिन गौड़ को जेल भेजा था, जबकि एक साथी नूर आलम ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।

    डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ जाजमऊ में एक और चकेरी थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें चकेरी के एक मुकदमे के आरोपित महफूज आलम, फैज, नूर आलम, नितिन, संजीव दीक्षित, फिरोज के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई है। इस गिरोह का मास्टर माइंड महफूज आलम है। जांच में उसके इस अपराध में साथी भी इसमें संलिप्त मिले हैं।

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    विवेचना में सामने आया कि ये गिरोह कम पढ़े-लिखे, मजदूर-पेंटर समेत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकार की लाभार्थी योजना दिलाने, स्वास्थ्य बीमा समेत योजनाओं का लालच देकर उनके दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवा लेता था। बैंक खातों में लगाई गई एपीएमसी (कृषि उपज विपणन समिति) प्रमाण पत्र भी फर्जी निकले थे। आरोपितों पर दर्ज अन्य मुकदमों में भी चार्जशीट तैयार की जा रही है। बहुत जल्द चार्जशीट लगा दी जाएगी। डीसीपी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्यों की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। साथ ही गैंग्सटर की कार्रवाई भी की तैयारी की जा रही है।

    ऐसे हुआ था इस गिरोह का पर्दाफाश

    श्याम नगर ने 16 फरवरी को यशोदा नगर के वासिद व साथी अरशद को तमंचा लगा लूट हुई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर उन लोगों ने लूट होने से इन्कार कर दिया था। क्राइम ब्रांच व थाना पुलिस ने जांच की तो पता चला कि दोनों युवक महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी वाला के लिए काम करते थे। उस दिन दोनों महफूज के बताने पर फूलबाग के आइडीबीआइ बैंक के खाते से 3.20 करोड़ निकाले थे, जिसमें कुछ लोगाें को 2.95 करोड़ देकर बाकी बचे 25 लाख लेकर महफूज को देने उसके घर जा रहे थे। मामले में लूट करने वाले चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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