कानपुर में युवाओं से लेकर बुजुर्गों के खून में मिला क्रोमियम, 8 क्षेत्रों से लिए थे ब्लड सैंपल; सामने आई रिपोर्ट
एनजीटी के निर्देश पर कानपुर के जाजमऊ और रूमा क्षेत्रों से लिए गए 233 रक्त नमूनों में से 215 में क्रोमियम, लेड और मरकरी जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं। ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, कानपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर शहर के आठ क्षेत्रों में रहने वाले 580 लोगों के लिए गए खून के सैंपल की पहली रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास आ गई है। इसमें जाजमऊ और रूमा क्षेत्र से लिए गए 233 सैंपल में 215 की रिपोर्ट में हानिकारक तत्व के साथ क्रोमियम, लेड और मरकरी पाई गई है।
सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात यह है कि इसकी चपेट में 18 वर्ष के युवा से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्ग हैं, जो उल्टी, दस्त, डायरिया, सिरदर्द, लिवर और किडनी के मरीज हैं। अब स्वास्थ्य विभाग को बाकी के छह स्थानों से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है।
सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी ने बताया कि तेजाब मिल कैंपस, राखी मंडी, जूही बंबुरहिया, पनकी गंगागंज, रतनपुर कालोनी और स्वराज नगर की रिपोर्ट इसी सप्ताह तक आ जाएगी। इसके बाद एनजीटी को सभी की रिपोर्ट साझा कर आगे की योजना पर काम किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग कमेटी में शामिल एसीएमओ डा. एसपी यादव ने बताया कि सभी आठ स्थानों की रिपोर्ट आ जाने के बाद इन क्षेत्रों में फिर से सैंपल लेंगे। एनजीटी की टीम भी इन क्षेत्रों में भूजल के सैंपल ले चुकी है, जिसकी रिपोर्ट भी आना बाकी है।
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लोगों को इन बीमारियों का खतरा
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि दूषित पानी पीने से हैजा, टायफाइड, डायरिया, हेपेटाइटिस, पेट के कीड़े तथा भारी तत्व यानी हैवी मेटल्स युक्त पानी पीने से कैंसर, लिवर, किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा है।
पिछले वर्षों में रनियां, जाजमऊ, राखी मंडी और उन्नाव के बंथर से क्रोनिक समस्याओं के साथ आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।