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    कानपुर-उन्नाव के बीच बनेगा नया गंगा पुल, 500 करोड़ से ज्यादा का टेंडर फाइनल, आगरा और हरियाणा की कंपनियां मिलकर करेंगी तैयार

    Updated: Fri, 15 May 2026 03:15 PM (IST)

    कानपुर और उन्नाव के बीच प्रस्तावित ट्रांसगंगा सिटी फोरलेन पुल का 500.50 करोड़ रुपये का टेंडर फाइनल हो गया है, जिससे एक दशक का इंतजार खत्म हुआ। आगरा की ...और पढ़ें

    ट्रांसगंगा सिटी का पुल का डिजाइन। सौ.सेतु निगम

    ट्रांसगंगा सिटी का पुल का डिजाइन। सौ.सेतु निगम

    HighLights

    1. 10 साल का इंतजार खत्म... अब बनेगा ट्रांसगंगा सिटी पुल

    2. 500.50 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ फाइनल

    3. सेतु निगम ने जमीन उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम को लिखा पत्र

    4. आगरा की पीएनसी और हरियाणा की एसपी सिंगला कंपनी बनाएंगी पुल

    5. रानीघाट से शुरू होकर ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर दो के पास उतरेगा

    जागरण संवाददाता, कानपुर। एक दशक से फाइलों और बैठकों में उलझी ट्रांसगंगा सिटी फोरलेन पुल परियोजना अब धरातल पर उतरेगी। गंगा नदी पर बनने वाले ट्रांसगंगा सिटी पुल का टेंडर गुरुवार को फाइनल हो गया। आगरा की पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड और हरियाणा की एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड 500.50 करोड़ से पुल का निर्माण करेंगी।

    वहीं भूमि अधिग्रहण सहित पुल निर्माण की कुल लागत 753 करोड़ रुपये है। यह वाई-आकार का पुल रानीघाट और धोबी घाट से सीधे उन्नाव स्थित ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर दो पास उतरेगा। सेतु निगम ने नगर निगम से भैरोघाट और धोबीघाट पर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। दोनों घाटों पर भूमि अधिग्रहण के साथ अतिक्रमण हटाया जाएगा ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जा सके।

    करीब चार किलोमीटर लंबे इस पुल में 1825 मीटर हिस्सा गंगा नदी के ऊपर बनेगा। पुल की शुरुआत रानीघाट स्थित जलकल पंपिंग स्टेशन से होकर धोबीघाट तक होगी। इसके बाद मार्ग सीधे उन्नाव स्थित ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर दो के पास जाकर जुड़ेगा। दोनों ओर से आने वाले मार्ग आगे चलकर फोरलेन सड़क में तब्दील होंगे। पुल बनने के बाद वीआइपी रोड से ट्रांसगंगा सिटी पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

    इस परियोजना के लिए शासन पहले ही 753 करोड़ 13 लाख 24 हजार रुपये के बजट को मंजूरी दे चुका है। इसमें यूपीसीडा ने 460 करोड़ रुपये का अंशदान दिया है। सेतु निगम के अनुसार पुल निर्माण के साथ पहुंचमार्ग और अन्य सहायक ढांचे भी तैयार किए जाएंगे। निर्माण पूरा करने में तीन वर्ष का समय लगेगा।

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    पहले सरसैया घाट से जोड़ने का था प्रस्ताव

    इस परियोजना का खाका पहली बार वर्ष 2015 में तैयार किया गया था। पहले पुल को सरसैया घाट से जोड़ने का प्रस्ताव था लेकिन जाम और शहरी दबाव को देखते हुए प्रशासन ने डिजाइन में बदलाव का सुझाव दिया। इसके बाद रानीघाट और धोबीघाट को जोड़ते हुए नया डिजाइन तैयार किया गया। लंबे समय तक डीपीआर संशोधन, बजट वृद्धि और स्वीकृति के बीच यह योजना कागजों में ही अटकी रही। अप्रैल 2025 में 799 करोड़ का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन वित्त व्यय समिति ने आपत्तियों के साथ इसे वापस कर दिया। बाद में यूपीसीडा ने आपत्तियों का निस्तारण कर प्रस्ताव दोबारा भेजा, जिसके बाद मार्च 2026 में इसे अंतिम मंजूरी मिल सकी।

    दो घाटों की जमीन का होगा अधिग्रहण

    पुल निर्माण के लिए रानीघाट जलकल पंपिंग स्टेशन के पास बने 33 आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है। इन आवासों के स्थान पर भैरोघाट के पास नए मकान बनाए जाएंगे। पुनर्वास पर लगभग 13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रभावित परिवारों को स्थानांतरित करने के बाद ही निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू हो सकेगा। सेतु निगम ने नगर निगम को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि परियोजना के लिए चिह्नित क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाना जरूरी होगा। अधिकारियों का मानना है कि जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण एजेंसियां मशीनरी और संसाधन पहुंचाना शुरू कर देंगी।


    बिहार में विवादों में रही एसपी सिंगला कंपनी

    ट्रांसगंगा सिटी पुल निर्माण का ठेका पाने वाली एसपी सिंगला कंपनी बिहार में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना के बाद विवादों में रह चुकी है। चार जून 2023 को बिहार के भागलपुर में अगुवानी-सुल्तानगंज पुल का हिस्सा गिर गया था। 1717 करोड़ की लागत से बन रहे उस पुल के निर्माण में एसपी सिंगला कंपनी शामिल थी। मई 2020 में पटना के लोहिया पथ चक्र परियोजना के दौरान कंक्रीट स्लैब गिरने से तीन बच्चों की मौत के बाद भी कंपनी जांच के घेरे में आई थी। इसको लेकर सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण में गुणवत्ता मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। निगरानी के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाएगी।

     

    ट्रांसगंगा सिटी पुल कानपुर और उन्नाव के बीच कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आगरा और हरियाणा की कंपनी मिलकर पुल का निर्माण करेंगी। जमीन उपलब्ध होने के साथ ही एक माह में निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
    धर्मवीर सिंह, प्रबंध निदेशक सेतु निगम

     

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