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    कानपुर की श्रमिक कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा, केडीए करेगा कार्रवाई

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 01:29 PM (IST)

    कानपुर की श्रमिक और आवास विकास कॉलोनियों में आवासीय संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

    कानपुर विकास प्राधिकरण।

    कानपुर विकास प्राधिकरण।

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    जागरण संवाददाता, कानपुर। श्रमिक कॉलोनियों के साथ ही आवास विकास और केडीए की कॉलोनियों में भी ईडब्ल्यूएस आवासों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। रिहायश के लिए बनी कॉलोनियों में बाजार बन गए हैं और घरों के अंदर भी लोगों ने शोरूम बना लिए हैं।

    ऐसी कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर शमन नियमों के तहत जारी रखने पर सुप्रीमकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके बाद अब प्राधिकरण ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश का अध्ययन कराने के बाद ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों का दुरुपयोग रोकने की तैयारी शुरू कर दी है।

    शहर की श्रमिक कॉलोनियां ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए विकसित आवासीय क्षेत्रों के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण हैं। शास्त्रीनगर से लेकर लाल कॉलोनी, जूही सफेद कॉलोनी, आवास विकास परिषद और केडीए की कॉलोनियों में भी आवासीय नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।

    आवासीय कॉलोनियों में लोगों ने शोरूम बना लिए हैं और बाजार विकसित हो गए हैं। इससे वहां रहने वाले सामान्य लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है। रात और दिन की आवाजाही से कॉलोनियों में हादसों का भी खतरा बना है।

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    सुप्रीमकोर्ट ने पिछले दिनों ऐसी ही कॉलोनियों को लेकर सख्त रुख दिखाया है। मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट इलाके में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के घरों में अवैध निर्माण करा लिए गए हैं।

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    ऐसे अवैध हिस्सों को रेगुलर करने (यानी जुर्माना भरकर मंजूरी लेने) के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से प्रस्ताव लाया गया था जिसे सुप्रीमकोर्ट ने खारिज कर दिया और 44 संपत्तियों को गिराने का आदेश दिया, जो मूल रूप से रिहायशी तौर पर बनाई गई थीं, लेकिन अब या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से कामर्शियल (व्यावसायिक) ढांचा बन गई हैं।

    सुप्रीमकोर्ट का आदेश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसका अध्ययन करने के बाद फैसला किया जाएगा। जरूरी होगा तो शहर में ऐसी संपत्तियों की जानकारी जुटाकर संबंधित लोगों को नोटिस भी दी जाएगी।
    - अभय पांडेय, सचिव केडीए

    यहां हैं श्रमिक कॉलोनियां

    कालोनियां/आवास संख्या
    शास्त्रीनगर 4698
    बाबूपुरवा 4416
    गोविंद नगर 1492
    सेवाग्राम 324
    हलवाखाड़ा 284
    पुराना कानपुर 966
    फोर्ड मैक्डनाल्ड 264
    बेनाझाबर 973
    जूही कलां 2670
    आरडी का हाता 144
    फहीमुद्दीन का हाता 192
    चकेरी 668
    जाजमऊ 1224