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कानपुर फर्जी मार्कशीट रैकेट: जामिया उर्दू कर्मी शोएब की तलाश में एसआईटी टीमें अलीगढ़ रवाना

Published: Sat, 28 Mar 2026 07:55 PM (IST)

कानपुर में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह से जुड़े बिचौलिए शेखू की पूछताछ के बाद अलीगढ़ के जामिया उर्दू कॉलेज ...और पढ़ें

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HighLights

  1. शुक्रवार को जेल गए बिचौलिए शेखू से पूछताछ के बाद सामने आया था नाम

  2. शैल ग्रुप आफ एजुकेशन के लिए बनवाता था 10वीं और 12वीं की मार्कशीट

जागरण संवाददाता, कानपुर। नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह से जुड़े बिचौलिए एक-एक करके सामने आ रहे हैं। एसआइटी अब तक सरगना समेत छह आरोपितों को जेल भेज चुकी है। शुक्रवार को पुलिस ने चमनगंज के शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान को जेल भेजा था, जो अलीगढ़ के जामिया उर्दू कालेज से 10वीं और 12वीं की मार्कशीट बनवाता था।

पूछताछ में उसने कालेज के संविदाकर्मी अलीगढ़ निवासी शोएब के नाम का राजफाश किया था। बताया था कि वह रुपये लेकर उसे मार्कशीट उपलब्ध कराता था। इसके बाद एसआइटी उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है। शनिवार को उसकी तलाश में दो टीमें रवाना की गई है। एसआइटी प्रभारी का कहना है कि शोएब की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े कालेज स्टाफ के चेहरे बेनकाब हो सकेंगे।


किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप आफ एजुकेशन के कार्यालय में छापेमारी कर नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज और अलीगढ़ के जामिया उर्दू कालेज की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट व डिग्रियां बरामद की थीं। इनमें बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, डीफार्मा, एलएलबी आदि की डिग्री के साथ ही हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट भी शामिल थीं।

इनमें सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र, अश्वनी कुमार सिंह, नोएडा के विनीत और चमनगंज निवासी शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान को जेल भेजा जा चुका है। इनमें से विनीत और शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान गिरोह के लिए बिचौलिए का काम करते थे। वहीं, शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान ने जेल जाने से पूर्व पूछताछ में जामिया उर्दू कालेज के संविदा कर्मी शोएब का नाम बताया था।

बताया कि शोएब ही 10 हजार रुपये लेकर उसे मार्कशीट उपलब्ध कराता था। उसके जरिए वह अब तक गिरोह के लिए पांच से छह 10वीं और 12वीं की मार्कशीट मुहैया करा चुका है। एसआइटी प्रभारी और एडीसीपी दक्षिण योगेश कुमार ने बताया कि शोएब की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े कई और राजफाश हो सकेंगे। इसमें खासकर ऐसे कालेज कर्मचारी के नाम सामने आ सकते हैं, जोकि पर्दे के पीछे रहकर गिरोह के लिए काम कर रहे थे। फिलहाल शोएब की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों को रवाना किया गया है।

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