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Kanpur House Collapses: जिस आंगन में गूंजती थी तीन बेटियों की हंसी, आज वहीं मचा कोहराम...एक साथ उठीं चार अर्थियां

Published: Mon, 07 Sep 2026 02:45 PM (IST)

कानपुर के हिरनी गांव में कच्चा मकान गिरने से पिता मुकेश और उनकी तीन बेटियों माया, नीतू, पल्लवी की मौत ...और पढ़ें

चारों के शव को ले जाते स्वजन व ग्रामीण। जागरण

चारों के शव को ले जाते स्वजन व ग्रामीण। जागरण

HighLights

  1. हिरनी गांव में कच्चा मकान गिरने से हादसा

  2. पिता मुकेश और तीन बेटियों की दर्दनाक मौत

  3. पतारा सीएचसी में लापरवाही पर कार्रवाई, तबादले

संवाद सहयोगी, घाटमपुर(कानपुर)। हिरनी गांव के जिस आंगन में कभी तीन बेटियों की हंसी गूंजती थीं, सोमवार को वहीं चीख पुकार का शोर था। मकान गिरने से जान गंवाने वाले पिता और उनकी तीन बेटियों के शव जब एक साथ घर पहुंचे तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। अपनों के चार शव सामने देख परिजनों का कलेजा फट पड़ा। पिता और मासूम बेटियों को अंतिम विदाई देने पहुंचे हर शख्स की आंखें नम थीं।

साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में घर गिरने से पिता और उनकी तीन बेटियों की मौत के मामले में रविवार रात ही सभी का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद सोमवार सुबह एक साथ सभी के शव गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। हर कोई नम आंखों से शवों को देख रहा था। प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद मुहैया कराई गई। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए मूसानगर में यमुना नदी के किनारे स्थित हलिया घाट ले जाया गया।

हिरनी में कच्चा घर गिरने से मुकेश और उनकी बेटियों माया, नीतू और पल्लवी की दबकर मौत हो गई थी। सोमवार सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचे तो तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान, नायब तहसीलदार शिवम मिश्रा मौके पर उपस्थित रहे। इसके साथ ही पुलिस बल भी मौजूद था। एक साथ तीनों के अर्थी बनाई गईं। छोटी-छोटी बच्चियों के शव देखकर हर कोई गम में डूबा था। सभी के शवों को मूसानगर हलिया घाट अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया है।

पिता व बेटियों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार

साढ़ के हिरनी गांव में कच्चा मकान गिरने से जान गंवाने वाले मजदूर मुकेश और उनकी तीन बेटियों के शवों का सोमवार को मूसानगर स्थित यमुना नदी के हलिया घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। हलिया घाट पर भाई नारेंद्र उर्फ निंदे ने मुकेश को मुखाग्नि दी, जबकि तीनों बेटियों माया, नीतू और पल्लवी के शवों को यमुना नदी के जल में प्रवाहित किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने घाट पर पहुंचकर शोकाकुल स्वजन से मिलकर ढांढस बंधाया।

गांव में चूल्हा तक नहीं जले

सोमवार तड़के जब चारों शव गांव पहुंचे तो स्वजन और ग्रामीण बिलख पड़े। एक साथ चार अर्थियां उठने से हर आंख में आंसू थे। पूरे गांव में मातम पसर गया और चूल्हे तक नहीं जले। अधिकारियों ने शासन से राहत राशि दिलाने का आश्वासन दिया है।

बेटी काजल के खाते में भेजा गया रुपया

उपजिलाधिकारी ने बताया कि स्वजन को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती बेटी काजल के खाते में दैवीय आपदा के 16 लाख रुपये, मुख्यमंत्री आवास के एक लाख 20 हजार रुपये और कपड़े और बर्तन के लिए ढाई-ढाई हजार रुपये भेजे गए हैं।


बेटियों की हेडइंजरी और पिता की पसलियां टूटने से गई जान

साढ़ के हिरनी गांव में रविवार को दो मंजिला कच्चा मकान गिरने से मजदूर मुकेश और उनकी तीन बेटियों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। वीडियोग्राफी के बीच हुए पोस्टमार्टम से पुष्टि हुई कि मुकेश की मौत पसलियां टूटकर दिल और लिवर में धंसने से हुए आंतरिक रक्तस्राव से हुई, जबकि बेटियों की जान मलबे से सिर की हड्डी टूटने और हेड इंजरी से गई।
पत्नी के निधन के बाद मुकेश मजदूरी कर बेटियों को पाल रहे थे।

कमजोर हो गया था मकान

कई दिनों की बारिश से मकान कमजोर होकर ढह गया था। मलबे में दबने से मुकेश के अलावा बेटियां माया, नीतू और पल्लवी की मौत हो गई, जबकि 19 वर्षीय बड़ी बेटी काजल को सुरक्षित बचा लिया गया। गंभीर रूप से घायल काजल का नौबस्ता के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

दो माह बाद बेटी की शादी

दो माह बाद ही उसकी शादी होनी है। डीएम के आदेश पर रात में डा. विपुल चतुर्वेदी, डा. प्रवीण कुमार सक्सेना और डा. राजेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार मुकेश की आठ पसलियां टूटकर अंदरूनी अंगों में घुस गई थीं, जिससे भारी रक्तस्राव हुआ। वहीं ईंट-पत्थर गिरने से बच्चियों के सिर की हड्डियां चकनाचूर हो गई थीं। 

पतारा सीएचसी अधीक्षक का तबादला, डा. जेपी बने नए अधीक्षक

स्वजन व ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पतारा सीएचसी में डाक्टर समय से नहीं पहुंचे थे। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार न मिलने से सभी की जान चली गई। जिलाधिकारी, सीएमओ न एसीएमओ के समक्ष उन्होंने वार्ड ब्वाय शिवनाथ के बहुत सालों से तैनात रहने की शिकायत की थी। मामले में वार्ड ब्वाय को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पतारा सीएचसी अधीक्षक डा. अभिषेक कटियार का तबादला बिल्हौर सीएचसी कर दिया है। वहीं, इमरजेंसी में तैनात डा. शशांक मिश्रा को घाटमपुर भेजा गया है। फार्मसिस्ट मनीष कुमार का तबादला शिवराजपुर किया गया है। वहीं, घाटमपुर में तैनात डा. जय प्रकाश को पतारा सीएचसी का नया अधीक्षक बनाया गया है।

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