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    Kanpur-Kabrai Highway को मिली रफ्तार, 49 गांवों की जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव; 7,145 करोड़ से बनेगा ग्रीनफील्ड हाईवे

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 05:56 AM (IST)

    राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए कानपुर नगर और कानपुर देहात के जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भे ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. NHAI ने कानपुर-कबरई हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव भेजा

    2. रमईपुर से घाटमपुर तक 49 गांवों की जमीन का ग्रीन फील्ड हाईवे के लिए होगा अधिग्रहण

    3. केंद्र सरकार ने इसी माह 7,145 करोड़ रुपये हाईवे निर्माण के लिए बजट किया है मंजूर

    जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को लेकर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने हमीरपुर और महोबा के बाद अब कानपुर नगर और कानपुर देहात के जिलाधिकारियों को थ्री-डी अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव भेज दिया है। इसके साथ ही दोनों जिलों में जमीन अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित घोषित करने के लिए गजट प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद मुआवजा निर्धारण और वितरण की कार्रवाई शुरू होगी।


    बीते एक जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब एनएचएआइ ने कानपुर-कबरई ग्रीन फील्ड हाइवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ना शुरू हो गई है। कानपुर-हमीरपुर हाईवे में जाम से निजात दिलाने के लिए इस परियोजना को अहम माना जा रहा है। इस हाईवे का प्रवेश द्वार शहर के रमईपुर स्थित रिंग रोड के पास मगरासा में बनेगा। इससे कानपुर का सीधा संपर्क बुंदेलखंड के साथ-साथ आगे बांदा-सागर हाईवे और भोपाल-मुंबई कारिडोर को जोड़ेगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ माल परिवहन और यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।


    करीब 7,145.14 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना बिल्ड-आपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) माडल पर विकसित की जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के कानपुर-कबरई सेक्शन पर 117.70 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनाया जाएगा। साथ ही 123.86 किलोमीटर ब्राउनफील्ड सेक्शन का संचालन और अनुरक्षण भी परियोजना का हिस्सा होगा। इस परियोजना के लिए चार जिलों के 93 गांवों की कुल 1139 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। कानपुर नगर और कानपुर देहात के 49 गांवों की 387 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी। इसके अलावा हमीरपुर के 35 गांवों से 500 हेक्टेयर और महोबा के नौ गांवों से 252 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी।


    एनएचएआइ के अधिकारियों का कहना है कि एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनने से स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग मार्ग मिलेंगे। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। इस परियोजना में 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवरब्रिज तथा दोनों ओर करीब 12 किलोमीटर सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा। हाईवे के पूरा होने के बाद कानपुर से बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

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    कानपुर-कबरई हाईवे के लिए थ्रीडी प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव कानपुर और कानपुर देहात जिला प्रशासन के पास भेजा गया है। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे का निर्धारण और अधिग्रहण की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
    पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

     

    जिलाधिकारी कार्यालय से प्रस्ताव मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की सूचना प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मुआवजे का निर्धारण और अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होगी। अभी कार्यालय में थ्रीडी का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
    आनंद मोहन उपाध्याय, एडीएम भूमि अध्यापित (एलए)

     

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