खुद के दुष्कर्म के आरोपित प्रेमी की रिहाई के लिए टावर पर चढ़ी प्रेमिका, पुलिस ने सामने खड़ा किया तो उतरी और लिपटकर रोई
कानपुर पुलिस कार्यालय परिसर में एक युवती अपने ही दुष्कर्म के आरोपित प्रेमी को जेल से छुड़ाने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब 45 मिनट की मश ...और पढ़ें
HighLights
युवती दुष्कर्म आरोपित को जेल से छुड़ाने की मांग कर रही थी
पुलिस कार्यालय परिसर में मोबाइल टावर पर चढ़ी पीड़िता
प्रेमी को सामने देख 45 मिनट पर नीचे उतरी
जागरण संवाददाता, कानपुर। पुलिस आयुक्त कार्यालय में मंगलवार दोपहर उस वक्त अजब-गजब नजारा देखने को मिला जब सचेंडी निवासी युवती प्रेमी को जेल से छुड़ाने के लिए टावर पर चढ़ गई और हंगामा किया। हाल ही में 18 साल की हुई युवती पिछले साल जब नाबालिग थी तो प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। मां ने प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने पकड़ने के बाद प्रेमी को अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में जेल भेज दिया था। अब बालिग होने के बाद प्रेमिका खुद को उसकी पत्नी बताते हुए उसे जेल से रिहा कराने का प्रयास कर रही है। युवती के टावर पर चढ़ने पर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डा. विपिन ताडा, डीसीपी मुख्यालय दिनेश त्रिपाठी पहुंचे और उसे मनाते रहे। करीब 45 मिनट चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस तारीख पर कोर्ट आए आरोपित युवक को लेकर मौके पर पहुंची, जिसे देखने के बाद युवती टावर से उतरी और उससे लिपटकर रोने लगी।
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डा. विपिन ताडा ने बताया कि पिछले साल 22 अक्टूबर को सचेंडी क्षेत्र से एक किशोरी लापता हो गई थी। 26 अक्टूबर को किशोरी को बरामद कर पुलिस ने बिठूर के लवकुश नगर निवासी राकेश सिंह उर्फ निहार को गिरफ्तार कर अपहरण में जेल भेजा था। पीड़िता के मेडिकल के बाद मुकदमे में दुष्कर्म और पाक्सो की धारा बढ़ाई गई थी। उन्होंने बताया कि राकेश ने किशोरी को ले जाने के बाद आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी।
मंगलवार को जेल में बंद राकेश सिंह को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था। कोर्ट में आरोपित से मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई से नाराज युवती दोपहर साढ़े 12 बजे पुलिस आफिस के पीछे बने वायरलेस कम्युनिकेशन टावर पर चढ़ गई, जहां से चिल्लाते हुए बोली कि मेरा पति बेकसूर है, अगर उसे नहीं छोड़ा तो वह टावर से कूदकर जान दे देगी।
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उसे नीचे आने को कहा गया तो बोली कि अब वह बालिग हो गई है, पुलिस वालों पर विश्वास नहीं है। 45 मिनट बाद पुलिसकर्मी राकेश को लेकर पुलिस आफिस पहुंचे, जिसे देखकर युवती टावर से उतर आई। टावर से उतरने के बाद पुलिस ने राकेश को जेल भेज दिया, जबकि युवती को काउंसिलिंग के लिए पुलिस लाइन भेजा गया है।
युवती की मां पहुंची पुलिस अफसरों के पास
घटना के बाद युवती की दिव्यांग मां पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची और बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं। 21 अक्टूबर को राकेश उसकी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। आज सुनवाई के दौरान बेटी के कोर्ट में बयान दर्ज होने थे। आरोपित राकेश के स्वजन कोर्ट में मिले थे, जहां वह धमका रहे थे। बेटी मेरे पास आई और बगल में बैठकर रोने लगी। युवती की मां ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए।
युवती से पूछताछ की जा रही है कि वह किसके कहने पर वह टावर पर चढ़ी थी। उसकी काउंसिलिंग कराई जाएगी, जिसके बाद उसे स्वजन को सौंप दिया जाएगा।
-रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त
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