कानपुर कबाड़ सिंडिकेट पर SGST की कार्रवाई, 44 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक
राज्य कर विभाग ने कानपुर के कबाड़ सिंडीकेट पर शिकंजा कसते हुए 44 करोड़ रुपये की संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को ब्लॉक कर दिया है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, कानपुर। चोरी के कबाड़ सिंडीकेट पर राज्य कर विभाग (एसजीएसटी) की विशेष अनुसंधान इकाई की भी नजर है। दैनिक जागरण ने इस मामले का पर्दाफाश किया तो पुलिस के साथ एसजीएसटी भी सक्रिय हुआ है।
विभाग ने 44 करोड़ की संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। विभाग के मुताबिक इस मामले में कानपुर जोन में वित्तीय वर्ष 2025-26 में मेटल और प्लास्टिक स्क्रैप में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी करने वाली कुल 150 फर्मों पर छापेमारी की गई है।
इन जांचों के बाद संबंधित खंडों को टैक्स निर्धारण और जुर्माना लगाने की कार्यवाही के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है।
विभाग के मुताबिक विशेष अनुसंधान इकाइयों द्वारा की गई कारवाई में 65 करोड़ रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्सल के रूप में जमा या रिवर्स कराए जा चुके हैं। 146 करोड़ रुपये टैक्स और अर्थदंड की संस्तुति की गई है।
कबाड़ सिंडीकेट के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए राज्य कर विभाग ने केंद्रीय क्षेत्राधिकार के तहत आने वाली 450 फर्मों के पंजीकरण निरस्त करने की सिफारिश केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों को भेजी है।
इसके अतिरिक्त, बेहद गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर अब तक 45 स्क्रैप फर्मों के खिलाफ नामजद एफआइआर दर्ज कराई जा चुकी है। सड़क पर बोगस दस्तावेजों और बिना ई-वे बिल के माल परिवहन करने वालों पर भी सचल दल (मोबाइल स्क्वाड) ने शिकंजा कसा है।
कार्रवाई के दौरान कुल 852 वाहनों को डिटेन (जब्त) कर 12 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। इन वाहनों के कागजातों में दर्ज संदिग्ध फर्मों की जांच के लिए प्रवर्तन अधिकारियों को भी पत्र लिखे गए हैं।
3200 करोड़ के सिंडिकेट का चेन एनालिसिस
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान करीब 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन की जानकारी मिली है, जिसके आधार पर अब चेन एनालिसिस (नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने) की कार्यवाही की जा रही है।
अब तक के डेटा एनालिसिस में कई फर्में संदिग्ध पाई गई हैं, जबकि कुछ का लेन-देन सही मिला है। जो एक्टिव या रद्द हो चुकी फर्में संदिग्ध मिली हैं, उनसे आगे कारोबार करने वाली अन्य फर्मों के खिलाफ संबंधित अधिकारियों द्वारा विधिक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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जीएसटी को यह जानकारी पुलिस से उपलब्ध कराई गई है, जोकि अवैध लेनदेन में चर्चा में आए महफूज आलम से जुड़ी हुई है।
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