कानपुर समाज कल्याण विभाग में पटल आवंटन पर घमासान, बाबुओं की 'ना' से ठप पड़ीं योजनाएं
समाज कल्याण विभाग कानपुर में तबादलों के बाद प्रशासनिक संकट गहरा गया है, जहाँ नए कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण पटलों का कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया ह ...और पढ़ें


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, कानपुर। समाज कल्याण विभाग में तबादलों के बाद पैदा हुए प्रशासनिक संकट का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
दूसरे जिलों से आए बाबू, वीडीओ, एडीओ और अधीक्षकों ने वृद्धा पेंशन, पारिवारिक लाभ, उत्पीड़न सहायता और जाति प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण पटलों का कार्यभार लेने से दो टूक इन्कार कर दिया है। नतीजा पिछले एक माह से हजारों लाभार्थियों से जुड़ी फाइलें अलमारियों में बंद पड़ी हैं और विभागीय कामकाज लगभग ठप है।
जून में शासन की तबादला नीति के तहत विभाग के कई अनुभवी कर्मचारियों का स्थानांतरण दूसरे जिलों में कर दिया गया। इनमें एडीओ समाज कल्याण संजय गुप्ता, वीडीओ अक्षांश के अलावा वीडीओ साधना यादव, अनुष्का राव, कीर्ति पांडेय, वृद्धा पेंशन पटल संभाल रहीं नेहा यादव तथा पारिवारिक लाभ, उत्पीड़न और जाति प्रमाणपत्र का कार्य देख रहे शामिल थे।
इनके जाने के बाद प्रतापगढ़ से कृष्णमूर्ति पटेल, लखनऊ से रजत अग्रवाल और संजय बनौदा, कौशांबी से एडीओ देवेंद्र तथा फर्रुखाबाद से छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार की तैनाती हुई।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभाग में योगदान तो दे दिया, लेकिन रजत अग्रवाल को छोड़ किसी ने योजनाओं से जुड़े पटलों की जिम्मेदारी नहीं संभाली। रजत ने केवल अकाउंटेंट, अनुदानित विद्यालय और स्थापना से जुड़े कार्यों का प्रभार लिया है।
वहीं एडीओ देवेंद्र ज्वॉइन करने के बाद दोबारा कार्यालय ही नहीं लौटे। अन्य कर्मचारियों ने भी पसंद का कार्य देने की मांग करते हुए महत्वपूर्ण पटलों का जिम्मा लेने से मना कर दिया। स्थिति यह है कि वृद्धा पेंशन, पारिवारिक लाभ, शादी अनुदान, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, उत्पीड़न सहायता और जाति प्रमाणपत्र जैसे मामलों की फाइलें पिछले एक महीने से लंबित हैं।
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इससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और योजनाओं का लाभ पाने वाले लोगों को लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब जिला समाज कल्याण अधिकारी के सामने नए कर्मचारियों को पटल आवंटित कर कार्यालय की व्यवस्था पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है।
जिले में ज्वाइन करने वाले एडीओ, वीडीओ और बाबू ने विभिन्न पटलों का कार्यभार लेने से इन्कार किया है। सभी अपनी पसंद का कार्य चाहते हैं। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-शिवम सागर, जिला समाज कल्याण अधिकारी