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    केरल की तर्ज पर बदलेगी बिठूर की तस्वीर, गंगा किनारे 20 बीघे में बनेगा पंचकर्मा वेलनेस सेंटर

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 07:15 PM (IST)

    कानपुर के बिठूर कला में गंगा किनारे केरल की तर्ज पर पंचकर्मा वेलनेस सेंटर बनेगा, जिसके लिए आयुष विभाग को 20 बीघा जमीन आवंटित की गई है। यह केंद्र आयुर् ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    HighLights

    1. बिठूर कला में 20 बीघा जमीन पर बनेगा केंद्र।

    2. केरल की तर्ज पर आयुर्वेद को पर्यटन से जोड़ेगा।

    3. कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी में बनेंगे ऐसे केंद्र।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। केरल जाने वाले पर्यटकों के लिए समुद्र तट और प्राकृतिक सुंदरता जितने आकर्षण का केंद्र हैं, उतना ही वहां की आयुर्वेदिक चिकित्सा भी लोगों को खींचती है। अब इसी तर्ज पर कानपुर में भी आयुर्वेद को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी है।

    गंगा किनारे बिठूर कला में पंचकर्मा वेलनेस सेंटर विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने करीब 20 बीघा जमीन आयुष विभाग को आवंटित कर दी है। बजट मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

    केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रदेश में गंगा किनारे तीन पंचकर्मा वेलनेस सेंटर विकसित किए जाने हैं। प्रदेश में इसके लिए कानपुर के अलावा प्रयागराज और वाराणसी शहर को चुना गया है। इस योजना का उद्देश्य केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर धार्मिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को एक साथ जोड़ना भी है।

    गंगा के किनारे विकसित करने की योजना

    आयुर्वेदिक उपचार के लिए दुनियाभर से लोग अभी तक केरल पहुंचते हैं। वहां पंचकर्मा, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के माध्यम से लंबे समय तक ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या भी अच्छी है। इसी माडल को उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे विकसित करने की योजना है।

    कानपुर के लिए बिठूर कला गांव में प्रशासन ने 20 बीघा जमीन आयुष विभाग को आवंटित कर दी है। यहां गंगा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व होने के साथ ही पर्यटन की भी व्यापक संभावनाएं हैं।

    प्रदेश में प्रस्तावित तीन सेंटरों में कानपुर ऐसा पहला जिला है, जहां भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी करके प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब केंद्र सरकार से बजट मिलने का इंतजार है। बजट स्वीकृत होते ही निर्माण की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा। वेलनेस सेंटर बनने के बाद बिठूर को एक और नई पहचान मिलने की उम्मीद है। श्रद्धा और पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा भी मिल सकेगी। इससे पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावनाएं भी बनेंगी।

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    क्या है पंचकर्मा चिकित्सा पद्धति

    आयुर्वेदिक के डा.राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में पंचकर्मा को शरीर के संतुलन और शोधन से जुड़ी प्रमुख चिकित्सा पद्धति माना जाता है। इसमें वमन (उल्टी के जरिए शुद्धि), विरेचन (दस्त के जरिए शुद्धि), बस्ती (एनिमा चिकित्सा), नस्य (नाक द्वारा औषधि देना) और रक्तमोक्षण (रक्त शुद्धि) जैसी पांच प्रमुख प्रक्रियाएं शामिल हैं।

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    रोगी की प्रकृति और बीमारी के अनुसार चिकित्सक उपचार की प्रक्रिया तय करते हैं। तेल मालिश, स्वेदन और विशेष आहार-विहार जैसी प्रक्रियाएं भी उपचार का हिस्सा हो सकती हैं। विशेषज्ञ आयुष डाक्टरों की देखरेख में होने वाली यह प्रक्रिया सामान्य स्पा से अलग होती है।

    बिठूर कला में आयुष विभाग को 20 बीघा जमीन आवंटित कर दी गई है। शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। केंद्र सरकार से बजट मिलने के बाद पंचकर्मा वेलनेस सेंटर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। -विवेक चतुर्वेदी,एडीएम वित्त एवं राजस्व