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    पहली बार घूमने जा रहे हैं वृंदावन? बांके बिहारी और प्रेम मंदिर ही नहीं, इन धामों के दर्शन बिना अधूरी है आपकी यात्रा

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 05:59 PM (IST)

    वृंदावन की यात्रा को पूर्ण बनाने के लिए बांके बिहारी, प्रेम मंदिर और इस्कॉन सहित कुछ विशेष धामों के दर्शन आवश्यक हैं। यह लेख पहली बार वृंदावन जाने वाल ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. वृंदावन यात्रा को पूर्ण करने के लिए इन मंदिरों के दर्शन करें।

    2. बांके बिहारी, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं।

    3. राधारमण, राधावल्लभ और गोपेश्वर महादेव भी अवश्य देखें।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। वृंदावन... यह महज एक शहर या भूगोल का टुकड़ा नहीं है। जैसे ही यह नाम ज़ुबान पर आता है, मन के किसी कोने में बांसुरी की मधुर तान बजने लगती है। राधारानी का नाम गूंजने लगता है और भक्ति में सराबोर गलियों की सौंधी महक महसूस होने लगती है। हर साल लाखों लोग दूर-दूर से ब्रज की इस पावन माटी को माथे से लगाने आते हैं।

    लेकिन सच कहें तो कई बार श्रद्धालु जल्दबाज़ी में सिर्फ एक-दो जाने-पहचाने मंदिरों के दर्शन करके लौट जाते हैं। ब्रज की पुरानी परंपरा और मान्यताएं कहती हैं कि वृंदावन की यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक आप वहां की रूह और इतिहास को समेटे कुछ खास धामों के दर्शन न कर लें।

    अगर आप भी ठाकुर जी के बुलावे पर जल्द ही वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन प्रमुख मंदिरों को अपनी यात्रा की डायरी में शामिल करना बिल्कुल न भूलें:-

    मंदिर का नाम प्रमुख आकर्षण / खासियत धार्मिक मान्यता
    श्री बांके बिहारी मंदिर झांकी दर्शन (बार-बार पर्दा लगाना) स्वामी हरिदास जी की साधना से निधिवन से प्रकट स्वरूप।
    प्रेम मंदिर सफेद संगमरमर, लाइट शो और सजीव झांकियां राधा-कृष्ण और सीता-राम के दिव्य प्रेम का आधुनिक केंद्र।
    इस्कॉन मंदिर अंतरराष्ट्रीय संकीर्तन और शांत वातावरण वैश्विक स्तर पर कृष्ण भक्ति और मानसिक शांति का धाम।
    राधारमण मंदिर प्राचीन सादगी और भक्ति माहौल शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकट हुई श्री राधारमण जी की मूरत।
    राधावल्लभ मंदिर राधारानी का पावन मुकुट दर्शन श्रीराधा जी की प्रत्यक्ष उपस्थिति और अनन्य भक्ति परंपरा।
    गोपेश्वर महादेव शिवजी का गोपी रूप में श्रृंगार महारास में शामिल होने के लिए भगवान शिव द्वारा धरा गया स्वरूप।

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