न्यू कानपुर सिटी योजना में 49 करोड़ रुपये से बनेगी सड़कें, प्रशासन ने तय की लक्ष्य पूरा करने की डेडलाइन
केडीए न्यू कानपुर सिटी योजना को सितंबर तक धरातल पर लाने की तैयारी में है, जिसमें 49 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण होगा और 75 करोड़ के विकास ...और पढ़ें

न्यू कानपुर सिटी योजना में 49 करोड़ रुपये बनेगी सड़कें।
HighLights
सितंबर तक न्यू कानपुर सिटी योजना लाने की तैयारी।
49 करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण होगा।
किसान मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। न्यू कानपुर सिटी योजना को हर हाल में सितंबर माह में लाने की तैयारी में केडीए जुट गया है। योजना की जमीन में पानी भर जाने को लेकर पहले जल निकासी के लिए 12 बैकहो लोडर लगाकर खोदाई कराई जा रही है। ड्रेनेज की पहले व्यवस्था हो रही है।
साथ ही 75 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू करा दिए गए है। 49 करोड़ रुपये से योजना में चौड़ी सड़कों का निर्माण कराने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए है। वहीं मुआवजे को लेकर महिला किसान सिंहपुर में डेरा डाले हुए है।
मैनावती मार्ग से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच में 151.31 हेक्टेयर जमीन में तीन फेज में न्यू कानपुर सिटी योजना लाई जा रही है। वर्ष 1996 से योजना को धरातल पर लाने की तैयारी चल रही है। डेढ़ माह से किसानों के विरोध के चलते योजना लटकी थी।
पिछले चार दिन से केडीए फोर्स लेकर योजना स्थल पर बैकहो लोडर लगाकर खोदाई करा रहा है। वर्तमान समय में पेयजल, सीवर औ ड्रेनेज सिस्टम के कार्य कराए जा रहे है।
इसके अलावा सड़कों का निर्माण दो भाग में कराने के लिए टेंडर कराए गए है। एक 16 करोड़ और दूसरा 33 करोड़ रुपये के सड़कों के टेंडर होने है। अफसरों का लक्ष्य है कि हर हाल में सितंबर माह में योजना को धरातल पर लाया जा सके।
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किसान नेता अरविन्द राजपूत ने बताया कि गाटा संख्या 706 में खोदाई की जा रही है। और गाटा संख्या 709 में जय देवी पेट्रोल की बोतल लिए खेत में बैठी है तो उनके खेत में काम नहीं कर रहे हैं दूसरी जगह खेतों में कार्य हो रहा है जबकि उनके दस्तावेज देखने वाला कोई नहीं है। जबरन खोदाई की जा रही है।
केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि योजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से कार्य हो रहे है। सड़कों के भी टेंडर कराए जा रहे है। अभी 75 करोड़ के कार्य हो रहे है। सड़कों के भी 49 करोड़ के कार्य होने है। साथ ही बची जमीन खरीदने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है।