अदालत में मुकर रहे गवाह, पर मुआवजा फुल: कानपुर में 69 पीड़ितों को बांटे 91.81 लाख रुपये; 235 और कतार में, मांगा 2.77 करोड़
कानपुर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 69 पीड़ितों को 91.81 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है, जबकि 235 अन्य पीड़ितो ...और पढ़ें

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HighLights
69 पीड़ितों को 91.81 लाख रुपये का मुआवजा मिला
235 पीड़ितों के लिए 2.77 करोड़ रुपये की मांग
समझौता करने पर मुआवजा राशि वापस करनी होगी
जागरण संवाददाता, कानपुर। पीड़ितों के मुकरने पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मुकदमे भले छूट रहे हो, लेकिन मुआवजे का पैसा खूब बांटा जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 69 पीड़ितों को 91,81, 500 रुपये मुआवजा बांटा गया। 235 पीड़ितों को मुआवजा देना बाकी है। इसके लिए 2.77 करोड़ रुपये बजट मांगा गया है।
इस वर्ष जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल चार माह में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के कुल 28 मुकदमों का निस्तारण हुआ। इसमें सिर्फ छह में सजा सुनाई गई। ज्यादातर गवाह और वादी मुकरने के कारण 22 मुकदमे छूट गए थे। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के तहत दर्ज मुकदमों में पीड़ितों को समाज कल्याण विभाग से मुआवजा मिलता है। मुआवजा तीन किस्तों में मिलता है।
पहली किस्त रिपोर्ट दर्ज होने, दूसरी चार्जशीट लगने और तीसरी फैसला आने के बाद मिलती है। प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी व पिछड़ा वर्ग अधिकारी वीरपाल का कहना है कि बजट की उपलब्धता के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाती है।
अपराध पीड़ित आर्थिक सहायता रिपोर्ट
| अपराध | पीड़ितों की संख्या | आर्थिक मदद (₹) |
|---|---|---|
| मारपीट / जाति सूचक अपशब्द | 49 | 34,50,000 |
| दुष्कर्म | 08 | 20,00,000 |
| सामूहिक दुष्कर्म | 02 | 10,31,500 |
| हत्या | 02 | 16,50,000 |
| छेड़छाड़ | 06 | 7,00,000 |
| लूटपाट | 01 | 50,000 |
| अपहरण | 01 | 3,00,000 |
| अपराध | प्रकरणों की संख्या |
|---|---|
| हत्या | 08 |
| हत्या का प्रयास / जानलेवा हमला | 05 |
| दुष्कर्म | 25 |
| भुगतान के लिए लंबित प्रकरण | 206 |
| पीड़ितों की संख्या | 235 |
| कुल बजट की मांग | ₹ 2.77 करोड़ |
| अपराध | कुल राशि (₹) | एफआईआर (₹) | चार्जशीट (₹) | फैसला (₹) |
|---|---|---|---|---|
| हत्या | 8,25,000 | 41,250 | 2,06,250 | 2,06,250 |
| दुष्कर्म | 5,00,000 | 2,50,000 | 1,25,000 | 1,25,000 |
| छेड़छाड़ व हमला | 2,00,000 | 1,00,000 | 50,000 | 50,000 |
| गाली-गलौज / मारपीट | 1,00,000 | 25,000 | 50,000 | 25,000 |
‘रिपोर्ट लिखाने के बाद समझौता किया तो लौटाना होगा मुआवजा’
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की सदस्य नीरज गौतम ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद कोई पीड़ित समझौता करता है तो मुआवजा राशि वापस करने का नियम है। इसका पालन गंभीरता से सुनिश्चित करना होगा। पीड़ित को हर हाल में न्याय मिले, लेकिन कोई निर्दोष भी न फंसाया जाए।
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दैनिक जागरण से बातचीत से पहले उन्होंने सर्किट हाउस में अफसरों के साथ बैठक की। उन्होंने अफसरों से कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब या उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की जाएगी। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिले।
बैठक में राजू वाल्मीकि, सुनील बाल्मीकि, भोला हजारिया, डा. जावेद खान, जीतू यादव, संतोष कनौजिया, विजय मिश्रा उपस्थित रहे। बैठक के बाद सदस्य ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कल्याणपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर, छात्रावास, भोजनालय, रसोईघर, कक्षाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं को देखा। छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, भोजन, आवास व अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
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