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    Sisamau MLA Report Card: प्रतिष्ठा की सीट पर बदहाली का राज, सड़क, सीवर और मूलभूत सुविधाओं की चुनौती

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 09:08 PM (IST)

    कानपुर की सीसामऊ विधानसभा, राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होने के बावजूद, खुले नाले, जर्जर बिजली के खंभे और सीवर ओवरफ्लो जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सीसामऊ में खुले नाले, जर्जर बिजली के खंभे बड़ी समस्या बने हुए हैं।

    2. सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं।

    3. विधायक नसीम सोलंकी ने विकास कार्यों में सरकारी भेदभाव का आरोप लगाया।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। वर्ष 2024 के उपचुनाव में सीसामऊ विधानसभा सपा और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई थी। भाजपा सरकार होने के बावजूद पार्टी यहां जीत दर्ज नहीं कर सकी और सपा ने अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी। वर्ष 2022 में सपा के इरफान सोलंकी ने चुनाव जीता था। उन्हें सजा होने के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी नसीम सोलंकी विधायक निर्वाचित हुईं।

    राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाने वाली इस विधानसभा में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के मत चुनावी नतीजे तय करते हैं, लेकिन विकास के मोर्चे पर क्षेत्र आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।बाबू का पुरवा, साइकिल मार्केट, लकड़मंडी, देव नगर, बजरिया और कर्नलगंज जैसे इलाकों में बदहाल नागरिक सुविधाएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं।

    कई स्थानों पर बिजली के पोल नीचे से जमीन छोड़ चुके हैं और केवल तारों के सहारे टिके हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश या आंधी के दौरान इनके गिरने का खतरा बना रहता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद इन्हें बदला नहीं गया।

    सीसामऊ का खुला नाला आज भी लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। छह माह पहले इसी नाले में गिरने से एक बच्ची की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी नाले को ढकने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को हर दिन दुर्घटना की आशंका के बीच गुजरना पड़ता है।

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    क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और कूड़े के ढेर भी बड़ी समस्या बने हुए हैं। कई गलियों में नालियां जाम रहने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। दुर्गंध और मच्छरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। व्यापारिक क्षेत्रों में आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।


    हालांकि क्षेत्र में कुछ विकास कार्य भी नजर आते हैं। शिव मंदिर परिसर में विधायक निधि से लगाई गई बेंच और फर्श पर बिछाई गई टाइलें इसकी गवाही देती हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक खुले नाले, जर्जर बिजली पोल, सीवर और जलभराव जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक ऐसे कार्य पर्याप्त नहीं माने जा सकते।

    विधायक नसीम सोलंकी का कहना है कि विधानसभा का बड़ा हिस्सा नगर निगम क्षेत्र में आने के कारण उनके कई विकास प्रस्ताव लंबित रह जाते हैं या स्वीकृति नहीं मिल पाती। वहीं, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग कोई भी हो, वर्षों से चली आ रही समस्याओं से उन्हें राहत मिलनी चाहिए।

     

    बोले विधायक


    वर्ष 2012 से जबसे यह सीट सामान्य हुई,तबसे जनता ने लगातार हमें विधायक बना रखा है। लगातार चार चुनाव हम यहां से जीत चुके हैं। लेकिन सरकार का भेदभाव हमारे क्षेत्र की जनता के साथ विकास के मामले में न्याय नहीं होने दे रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में हमने लालइमली के पास जीजीआइसी बनवाया। पिछड़े इलाको में बारातशाला बनवाने तीन प्रस्ताव दिए लेकिन एक भी स्वीकृत नहीं किए गए। त्वरित योजना के तहत एक करोड़ के प्रस्तावों को निरस्त कर दिया गया। हमारे 90 प्रतिशत विकास कायों के प्रस्तावों में नगर निगम एनओसी नहीं देेता। सरकार न होने की वजह से हमारे साथ पक्षपात किया जा रहा है। बावजूद इसके हम पूरे क्षेत्र में 70 सबमर्सिबल पंप लगवाने, स्कूलो में शौचालय बनवाने और पंखे लगवाने में सफल रहे। सड़कें और गलियां भी हनमें खूब बनवाईं। जीआइसी के समीप सपा सरकार में बनाए जा रहे आडिटाेरियम बनवाना शुरु किया, बाद मे सीएम ने नाम बदलकर अटल आडिटोरियम तो रख दिया लेकिन काम पूरा नहीं करवाया गया। अगर आगे हमें काम करने का और मौका मिला तो मुरे कंपनी गांधी प्रतिमा से लाल इमली तक का फाेरलेन ओवरब्रिज बनवाकर लोगों को जाम से निजात दिलाएंगे।
    - नसीम सोलंकी, सपा विधायक, सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र

     

    बोले बसपा प्रत्याशी


    सीसामऊ की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। उपचुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन धरातल पर हालात नहीं बदले। खुले नाले, जर्जर बिजली के पोल, सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और गंदगी से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना चाहिए। बसपा की सरकार में हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है और आगे भी सीसामऊ के लोगों के लिए पार्टी आवाज उठाती रहेगी। जनता अब विकास के नाम पर जवाब चाहती है, केवल आश्वासन नहीं।
    वीरेन्द्र शुक्ल, बसपा प्रत्याशी, सीसामऊ विधानसभा


    बोली जनता


    बलखंडेश्वर महादेव मंदिर के जर्जर हालातों को दो साल पहले विधायक निधि से राहत मिली है। मंदिर की फर्श में टाइल्स का काम, लोगों के बैठने के लिए बेंच, खुले हुए भू-भाग में छत और पानी के लिए सबमर्सिबल ये सारे काम विधायक निधि से हुए हैं। इससे मंदिर में सुबह और शाम आने वाले बुजुर्गों को बैठने-उठने में आसानी होती है।
    - ममता सैनी,बलखंडेश्वर मंदिर


    सारे जहां का कूडा़-करकट यहीं आकर डंप होता है। देव नगर इलाके मे मस्जिद होने की वजह अधिकांश जनाजे भी यहीं आकर रुकते हैं और फिर निकलते हैं। यहीं पर पूरे इलाके का कूडा डंप रहता है। जिसकी वजह से सांस लेना मुश्किल है। इस हवा में रहना, खाना खाना जहर निगलने जैसा है। कई बार शिकायतें की लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
    - मुहम्मद जफर,देव नगर


    पचास हजार से अधिक आबादी वाले इलाके में जलभराव आए दिन की समस्या हो गई है। सड़क में गढ्ढे, चाेक नालियां और कभी मौसमी तो कभी बेमौसम का जलभराव ने वातावरण इतना दूषित कर दिया है कि व्यापार करना मुश्किल हो गया है। बच्चे आसानी से स्कूल नहीं जा सकतेे। पैदल निकलना भी आसान नहीं है।
    - अरुण सरोज,दर्शनपुरवा


    सीवरेज की समस्या पर कोई काम नहीं हुआ है। बिजली पोल जमीन से सड़ चुके हैं और नीचे से उखड़ रहे हैं। तारों के सहारे लटके विद्युत पोल से करंट उतरने का खतरा बना रहता है। कई बार शिकायत की है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हम समस्या पर विधायक का एक ही जवाब है कि सरकार नहीं है इसलिए काम नहीं हो रहे।
    - उमाशंकर गुप्त,दर्शनपुरवा


    विधानसभा क्षेत्र पर एक नजर

    • कुल मतदाता :2,12,940
    • पुरुष मतदाता : 1,12,541
    • महिला मतदाता : 10,0397
    • अन्य: 02

    नोट:: यह मतदाता संख्या एसआइआर के बाद निर्वाचन आयोग से प्रकाशित सूची के आधार पर है।

     

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