कानपुर देहात में बंदरों ने हिलाई घर की रेलिंग, सिर पर ईंटें गिरने से महिला की मौत
कानपुर देहात के सरवनखेड़ा में बंदरों द्वारा मकान की रेलिंग हिलाने से ईंटें गिरने से सरला देवी की मौत हो गई। ...और पढ़ें

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HighLights
कानपुर देहात में बंदरों के कारण महिला की मौत।
रेलिंग हिलाने से ईंटें गिरीं, सरला देवी का निधन।
एक सप्ताह में बंदरों से हुई यह दूसरी मौत।
संवाद सूत्र, कानपुर देहात। गजनेर के सरवनखेड़ा में बंदरों ने मकान के तीसरी मंजिल पर रेलिंग हिला दी, इससे चार पांच ईंट नीचे बर्तन धुल रही महिला के सिर पर गिरी और उनकी जान चली गई। एक सप्ताह में यह दूसरी मौत बंदरों के कारण हो गई है। शनिवार को सिकंदरा में बंदरों के दौड़ाने पर दो मंजिल से नीचे गिरकर युवती शबाना की जान चली गई थी।
बिल्टी गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह परिहार करीब पांच वर्ष पूर्व सेना से सेवानिवृत्त हो गए थे और पड़ोस के कस्बा सरवनखेड़ा में मकान बनवाया था। उनकी 48 वर्षीय पत्नी सरला देवी शुक्रवार सुबह घर के बाहर बर्तन धुल रहीं थीं। उसी समय बंदरों का झुंड तीन मंजिला मकान की छत पर आ गया, बंदरों ने रेलिंग हिलाई तो उससे चार पांच ईंट नीचे गिरी, ईंट सीधे सरला के सिर पर लगी और वह वहीं गश खाकर गिर गईं।उस समय मौजूद भतीजे दीप सिंह ने लोगों की मदद से उनको कानपुर के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां पर कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
पति, बेटा राजा, बेटी सोनाली का रोकर बुरा हाल हो गया। धर्मेंद्र का कुछ समय से अध्यात्म की तरफ झुकाव हो गया तो वह पास के गांव बिल्टी में मंदिर बनाकर वहीं पर रहते हैं, घटना का पता चलने पर वह भी पहुंचे।पुलिस को परिवार ने कोई जानकारी नहीं दी।
वहीं क्षेत्रीय आशीष सिंह, सुधाकर कुमार व रवि ने बताया कि बंदरों का आतंक बहुत हो गया है, इस तरह की घटना हमारे क्षेत्र में पहली बार हुई है।वन विभाग को इनकी रोकथाम के लिए कुछ करना चाहिए।
शबाना की गई थी जान
एक सप्ताह पहले शनिवार को सिकंदरा में युवती शबाना दो मंजिल मकान की छत पर झाडू लगा रही थी। उसी समय बंदरों का झुंड आ गया था और उसने खदेड़ लिया था, इसके चलते शबाना छत से नीचे गिर गईं थीं और उनकी जान चली गई थी। अब यह दूसरी घटना होने से लोगों में दहशत है।