सावधान! भीषण गर्मी में ये खराब आदत महिलाओं के लिए बन रही 'साइलेंट किलर', डॉक्टरों ने दी चेतावनी
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण महिलाएं यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) से पीड़ित हो रही हैं। जिसका मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी है। ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, कासगंज। आसमान से बरसती आग और लगातार बढ़ रहे तापमान ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के साथ ही लोगों की सेहत भी बिगाड़नी शुरू कर दी है। भीषण गर्मी के इस मौसम में महिलाएं सबसे ज्यादा बीमार हो रही हैं।
वर्तमान में अस्पतालों के ओपीडी वार्डों में सबसे अधिक मामले महिलाओं में यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) के सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में होने वाली पानी की भारी कमी (डीहाइड्रेशन) इस बीमारी का मुख्य कारण बनकर उभर रही है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिदिन इस गंभीर समस्या से ग्रसित औसतन 15 से 20 महिलाएं इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रही हैं।
मई के महीने में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से महिला रोग विभाग और सामान्य ओपीडी में आने वाली महिलाओं में से हर तीसरी महिला यूरिन इन्फेक्शन से पीड़ित पाई जा रही हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि औसतन 15 से अधिक महिलाएं प्रतिदिन इसी एक विशिष्ट समस्या को लेकर पंजीकरण करवा रही हैं। इनमें कामकाजी महिलाओं से लेकर कालेज जाने वाली युवतियां और गृहिणियां तक शामिल हैं।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, वैसे-वैसे इस बीमारी का प्रकोप भी तीव्र होता जा रहा है। ओपीडी के साथ-साथ अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी पेट दर्द और तेज बुखार के साथ आने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है, जिन्हें प्राथमिक जांच के बाद यूरिन इन्फेक्शन से ग्रसित पाया जा रहा है।
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यूरिन इन्फेक्शन के मुख्य कारण
गर्मी में पसीने के रूप में शरीर से काफी पानी बाहर निकल जाता है। यदि पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो यूरिन गाढ़ा और कम बनता है। इससे मूत्राशय में मौजूद बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते और तेजी से पनपने लगते हैं। कामकाजी या सफर कर रही महिलाएं अक्सर गंदे टायलेट के डर से या व्यस्तता के कारण लंबे समय तक यूरिन रोक कर रखती हैं। यह बैक्टीरिया को पनपने का सबसे बड़ा अवसर देता है।
उपाय
- भरपूर जल सेवन
- तरल पदार्थों को डाइट में शामिल करें
- अनस्वीटेंड (बिना चीनी का) कैनबेरी जूस पीएं
- टायलेट की सफाई नियमित करें
- यूरिन को कभी भी दबाकर न रखें, जब भी महसूस हो, तुरंत टॉयलेट जाएं
- कपड़ों के चुनाव में सावधानी
यदि यूरिन के दौरान तेज जलन, दर्द, पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, बार-बार यूरिन का अहसास होना या यूरिन से दुर्गंध आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। बिना डाक्टरी सलाह के कोई भी एंटीबायोटिक दवा न लें।
डॉ. अंजू यादव, महिला रोग विशेषज्ञ।
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