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    कासगंज में रेलवे ई-टिकट दलाल गिरोह का भंडाफोड़: एक गिरफ्तार, निजी ID से टिकट बेचकर वसूलते थे एक्स्ट्रा रुपये

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 02:17 PM (GMT+05:30)

    एक आरोपी ताजुद्दीन को गिरफ्तार किया गया, जो निजी आईआरसीटीसी आईडी से यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क वसूलता था, जबकि तीन अन्य फरार हैं। ...और पढ़ें

    आरोपित की जानकारी के दौरान टीम।

    आरोपित की जानकारी के दौरान टीम।

    HighLights

    1. कासगंज में आरपीएफ ने ई-टिकट दलाल गिरोह का पर्दाफाश किया

    2. 'ऑपरेशन उपलब्ध' के तहत एक आरोपी ताजुद्दीन को गिरफ्तार किया गया

    3. निजी आईडी से अवैध रूप से ई-टिकट बेचकर अतिरिक्त शुल्क वसूलते थे

    जागरण संवाददाता, कासगंज। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कासगंज एवं अपराध सूचना जांच शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन उपलब्ध के तहत बड़ी कार्रवाई की। निजी आईआरसीटीसी यूजर आईडी का व्यवसायिक उपयोग कर रेलवे ई-टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य भागे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

    वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मिथुन सोनी एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त मो.असलम के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे कासगंज रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र के पास से ताजुद्दीन उर्फ ताजू निवासी बलरामपुर को गिरफ्तार किया गया।

    जांच में सामने आया कि आरोपित निजी आईआरसीटीसी यूजर आईडी के जरिए ई-टिकट बुक कर यात्रियों से प्रति टिकट 500 से 1000 तक अतिरिक्त शुल्क वसूलता था। उसके खिलाफ पहले भी आरपीएफ पोस्ट लालकुआं और बरेली सिटी में मुकदमे दर्ज हैं।

    छह लाइव ई-टिकट सहित सामान हुआ बरामद

    आरपीएफ ने आरोपित के कब्जे से छह लाइव ई-टिकट, चार पुरानी ई-टिकटें, सात काउंटर टिकटों की प्रतियां, एक भरा हुआ और पांच खाली आरक्षण मांग पत्र, एक एचपी लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि आरोपित वाट्सएप और फोन के माध्यम से यात्रियों की जानकारी फरार हुए साथियों को भेजता था। इसके बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न आरक्षण केंद्रों से टिकट तैयार कर बस और ट्रेन के जरिए कासगंज भेजी जाती थीं।

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    प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के उपयोग के प्रमाण नहीं मिले 

    जांच में किसी प्रतिबंधित साफ्टवेयर के उपयोग के प्रमाण नहीं मिले। हालांकि मामला दर्ज कर सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए हैं। फरार आरोपितों में जुबैर, रियासत उर्फ सज्जाद तथा एक अन्य अज्ञात शामिल हैं।

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    आरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।