Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कौशांबी में डंपर से कुचलकर मजदूर की मौत, आक्रोशित लोगों का हंगामा-रास्ताजाम; अंतिम संस्कार से किया इंकार

    By Gurudeep Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 02 Aug 2026 08:51 PM (IST)

    कौशांबी के सरपतही गांव में डंपर की चपेट में आने से मजदूर योगनाथ सरोज की मौत के बाद स्वजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर रास्ता जाम कर दिया। डंप स्थल के माल ...और पढ़ें

    कौशांबी के पश्चिम शरीरा में मजदूर की मौत पर आक्रोशित लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी। जागरण

    कौशांबी के पश्चिम शरीरा में मजदूर की मौत पर आक्रोशित लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी। जागरण

    HighLights

    1. डंप स्थल मालिक को बुलाने की जिद पर अड़े स्वजन

    2. पश्चिम शरीरा थाना के सरपतही गांव में हुई दुर्घटना

    जागरण संवाददाता, कौशांबी। पश्चिम शरीरा क्षेत्र के सरपतही गांव स्थित बालू डंप स्थान पर शनिवार रात हुए दर्दनाक हादसे के बाद आज पूरे दिन तनाव का माहौल बना रहा। डंपर की टक्कर से मजदूर योगनाथ सरोज की मौत के बाद आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गोराजू-पभोषा खास मार्ग पर रास्ताजाम कर दिया।

    अंतिम संस्कार नहीं हुआ 

    आक्रोशित लोग डंप स्थल के संचालक को मौके पर बुलाने, आर्थिक सहायता की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान पुलिस अधिकारियों ने डंपर मालिक को बुलाने का आश्वासन दिया। मालिक के बाहर होने की दशा में फिलहाल अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।

    बैक करते समय डंपर की चपेट में आया योगराज 

    बक्शी का पूरा गांव निवासी 40 वर्षीय योगनाथ सरोज पुत्र मेदीलाल सरोज सरपतही गांव स्थित बालू डंपिंग स्थल पर मजदूरी करता था। शनिवार रात वह अन्य मजदूरों के साथ बालू लोड करा रहा था। देर रात डंपर को बैक कराने के दौरान योगनाथ उसकी चपेट में आ गया। हादसे में मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया।

    पोस्मार्टम के बाद शव रख रास्ताजाम किया 

    पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा की तहरीर पर मुकदमा कायम कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रविवार शाम लगभग पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया तो स्वजन का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने पश्चिम शरीरा-कौशांबी खास मार्ग पर शव रखकर रास्ताजाम कर दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण डंप संचालक को मौके पर बुलाने की जिद करने लगे।

    खबरें और भी

    सीओ के आश्वासन पर रास्ता बहाल हुआ 

    सूचना पर पहुंचे सीओ कौशांबी अरुण कुमार शुक्ल, थाना प्रभारी बैकुंठ नाथ तिवारी ने डंप स्थल के मालिक से फोन पर बात किया तो उन्होंने जगन्नाथपुरी की धार्मिक यात्रा में होने की बात कही। उन्होंने फ्लाइट से घर वापसी की बात कही। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने रास्ता बहाल किया। इसके बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किया गया।

    योगनाथ की मौत से उजड़ गया परिवार

    योगनाथ की मौत ने केवल एक मजदूर की जान नहीं ली, बल्कि पूरे परिवार का सहारा छीन लिया। गांव के लोगों के अनुसार योगनाथ अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता मेदीलाल का निधन तब हो गया था जब वह बहुत छोटा था। मां ने मजदूरी करके बेटे को पाल-पोस कर बड़ा किया। युवावस्था में पहुंचने के बाद योगनाथ ने मां का सहारा बनते हुए बालू डंप पर मजदूरी शुरू कर दी। उसी कमाई से पूरे परिवार का खर्च चलता था। योगनाथ की पत्नी पूजा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने पांच बच्चों और बुजुर्ग सास का पालन-पोषण है। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। 

    मृतक की पत्नी के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डंपर चालक की तलाश की जा रही है। स्वजन डंप स्थल के मालिक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन वह बाहर थे। सोमवार तक आने की बात कही है। डंप मालिक के आने के बाद स्वजन ने अंतिम संस्कार करने की बात कही है।
    - अरुण कुमार शुक्ला, सीओ।

    यह भी पढ़ें- प्रयागराज में बदमाशों का दुस्साहस : गंगा परिपथ पर सरेराह युवक को मारी गोली, साथी पर भी हमले की कोशिश

    यह भी पढ़ें- पूर्व ब्लाक प्रमुख कौड़िहार मुजफ्फर के चार भाइयों का शस्त्र लाइसेंस निरस्त, प्रयागराज DM कोर्ट की कार्रवाई