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    यूपी में स्‍मार्ट मीटर का खेल खत्‍म, कौशांबी में एक लाख से ज्‍यादा उपभोक्‍ताओं ने ली राहत की सांस

    Updated: Wed, 06 May 2026 03:13 PM (IST)

    कौशांबी में स्मार्ट मीटर के प्रीपेड सिस्टम पर सरकार ने रोक लगा दी है, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली कटने और गलत बिलिंग जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिली है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिस्टम पर सरकार ने लगाई रोक।

    2. कौशांबी के लाखों उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत।

    3. गलत बिलिंग, अचानक बिजली कटने की समस्या खत्म।

    जागरण संवाददाता, कौशांबी। स्मार्ट मीटर को लेकर होने वाली परेशानियों से उपभोक्ताओं को आखिरकार निजात मिलती नजर आ रही है। प्रीपेड सिस्टम लागू होने से परेशान उपभोक्ताओं को शासन के निर्णय से बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब इस व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। शासन के इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं में खुशी है।

    जिले में करीब पौने तीन लाख बिजली के उपभोक्ता हैं। इसमें से लगभग एक लाख 60 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसमें से एक लाख 28 हजार उपभोक्ताओं का प्रीपेड मोड में परिवर्तित किया जा चुका है। इसकी वजह से बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तत्काल बंद हो जाती थी। इस नई व्यवस्था ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।

    सबसे बड़ी समस्या तकनीकी खामियों को लेकर सामने आ रही थीं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की, कि उनका बिजली बिल अचानक बढ़कर आने लगा, जबकि कुछ मामलों में बिल जमा करने के बाद भी बिजली बहाल नहीं हो रही थी। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। आखिरकार शासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रीपेड सिस्टम पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि अब उन्हें अचानक बिजली कटने और गलत बिलिंग जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।


    प्रीपेड मीटर लगने के बाद सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली कट जाती थी। कई बार रात में ही अंधेरे में रहना पड़ता था। अब रोक लगने से काफी राहत मिली है।- प्रह्लाद, उपभोक्ता


    हमने समय से बिल जमा किया, लेकिन इसके बावजूद बिजली बहाल नहीं हुई। कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़े। इस सिस्टम ने बहुत परेशान किया। सरकार का यह फैसला सही दिशा में है।- रंजीत कुमार, उपभोक्ता


    मीटर लगने के बाद से बिल पहले के मुकाबले काफी ज्यादा आने लगा था। समझ में नहीं आता था कि खर्च इतना कैसे बढ़ गया। शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती थी। अब उम्मीद है कि स्थिति सुधरेगी।- बब्लू, उपभोक्ता



    तकनीकी खामियों के कारण आम आदमी परेशान हो रहा था। बिना चेतावनी के बिजली कट जाती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घर के काम प्रभावित होते थे। अब इस फैसले से थोड़ी राहत जरूर मिली है।- मो जाहिद, उपभोक्ता

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    फिलहाल विभाग की ओर से कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। यदि कोई आधिकारिक आदेश जारी होता है, तो उसका जिले में पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासनिक कार्रवाई हमेशा शासन और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार ही की जाती है। बिना किसी औपचारिक आदेश के किसी भी नई व्यवस्था या बदलाव को लागू नहीं किया जा सकता है।- श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता विद्युत।

     

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