कौशांबी: रोशनदान में फंदे से लटका मिला युवक का शव, पत्नी-बच्चों से दिल्ली जाने की बात कहकर निकला था; हत्या की आशंका
कौशांबी में दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले एक युवक का शव रोशनदान में फंदे से लटका मिला। ...और पढ़ें

कौशांबी में सैनी के त्रिलोकपुर गांव में विजय का शव मिलने के बाद गमगीन स्वजन व इनसेट में फाइल फोटो। जागरण
HighLights
युवक की मां ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस को तहरीर दी
सैनी के त्रिलोकपुर की घटना, दिल्ली में टेंट हाउस में काम करता था विजय
संसू, जागरण, सिराथू (कौशांबी)। पत्नी और बच्चों से दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले युवक का शव घर के मुख्य दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान में गमछे के फंदे से लटका मिला। कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होने पर परेशान पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। युवक की मां ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के गोसाई तारा मजरा मोहीउद्दीनपुर बेला निवासी 40 वर्षीय विजय कुमार सरोज पुत्र स्वर्गीय मोहन दिल्ली में टेंट हाउस में काम करता था। उसकी पत्नी सपना देवी सैनी क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में किराए का कमरा लेकर चार बच्चों के साथ रहती है। वह मजदूरी करती है। रक्षाबंधन पर विजय भी पत्नी और बच्चों के पास आया था।
सपना के मुताबिक 29 अगस्त की रात करीब नौ बजे विजय दिल्ली जाने की बात कहकर घर से सिराथू रेलवे स्टेशन के लिए निकले थे। रात करीब 11 बजे छह वर्षीय बेटे अजय को लघुशंका लगी। सपना के मुताबिक उसने कमरे का दरवाजा खोलना चाहा तो वह बाहर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने यूपी-112 को सूचना दी।
पुलिस पहुंची तो मुख्य दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान में पीले रंग के गमछे के फंदे से विजय का शव लटका मिला। पुलिस ने दरवाजा खोला तो बच्चों सहित बाहर आई सपना, शव देख चीख पड़ी। सूचना मिलते ही गोसाई तारा से विजय के स्वजन भी रात में मौके पर पहुंच गए। मां रावती देवी ने हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी।
इस संबंध में थाना प्रभारी सैनी त्रिलोकीनाथ पांडेय का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट होगा। स्वजन की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
विजय की मौत के बाद पत्नी सपना का रो-रोकर बुरा हाल है। मां को बिलखता देखकर 16 वर्षीय बेटी नेहा, 12 वर्षीय आरती, आठ वर्षीय भारती और छह वर्षीय बेटा अजय भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। कुछ ही घंटों में चारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया था। परिवार के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है। विजय दिल्ली में काम कर परिवार की जिम्मेदारी संभालता था, जबकि सपना त्रिलोकपुर में मजदूरी कर पति का हाथ बंटाती थी।
