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    कुशीनगर एयरपोर्ट पर ILS की बाधा बरकरार, नियमित उड़ानें दो माह और टलीं

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 08:42 AM (IST)

    कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर नियमित उड़ानों के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की बाधा अभी दो माह और बनी रहेगी, जिससे विमानन कंपनियां उड़ा ...और पढ़ें

    कुशीनगर एयरपोर्ट। जागरण

    कुशीनगर एयरपोर्ट। जागरण

    HighLights

    1. कुशीनगर एयरपोर्ट पर ILS इंस्टॉलेशन में दो माह की देरी।

    2. विमानन कंपनियां ILS के बिना उड़ान भरने को तैयार नहीं।

    3. 400 करोड़ का एयरपोर्ट बिना उड़ानों के बेमतलब।

    अनिल कुमार त्रिपाठी, कसया। कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से नियमित उड़ान के लिए आइएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) की बाधा अभी दो माह और बनी रहेगी, ऐसा स्वयं एयरपोर्ट अथारिटी कह रहा। यही वजह है कि, एयरपोर्ट अथारिटी और विमानन कंपनियों के मध्य कई दौर की वार्ता और स्थलीय निरीक्षण के बाद भी उड़ान के लिए आइएलएस के बिना कोई भी कंपनी राजी नही हो रही।

    उड़ान के लिए पूरी तरह फिट बताने वाला विभाग अब कह रहा है कि, वर्ष 2022 से चल रहे आइएलएस के लगाने व इंस्टालेशन के प्रक्रिया में दो माह और लगेंगे। ऐसे में विंटर शिड्यूल में भी उड़ान की संभावना पर ग्रहण लग गया है।

    देश के विभिन्न शहरों से आटो पायलट मोड में उड़ान भर रही विमानन कंपनियां जीपीएस मोड के सहारे नियमित उड़ान भरने को राजी नही हो रही हैं। ऐसे में आइएलएस के के चालू प होने से 400 करोड़ की लागत से बना एयरपोर्ट बेमतलब बना हुआ है।

    आइएलएस के लिए दस जून 2022 को रूस की कंपनी साइंटफिक एंड प्रोडक्शन कारपोरेशन-रेडियो टेक्निकल सिस्टम व एयरपोर्ट अथारिटी के मध्य अनुबंध हुआ था। 2024 में आयातित 3.8 करोड़ मूल्य का आइएलएस एनपीओ आरटीएस 734 माडल का यह सिस्टम कैट वन श्रेणी का है।

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    बता दें कि, अथारिटी के समर शिड्यूल में उड़ान को लेकर कई दौर के वार्ता के बाद भी आइएलएस विहीन एयरपोर्ट से विमानन कंपनियां तैयार नहीं हुईं। इस बीच शासन व प्रशासन स्तर से उड़ान के दावे जरूर किए जाते रहे।


    दो माह में आइएलएस इंस्टाल हो जाएगा। परीक्षण पश्चात एयरपोर्ट केवल कंपनियों की ही नहीं, उड़ान की सभी अंतरराष्ट्रीय शर्तें पूरी कर लेगा। उसके बाद उड़ान का रास्ता साफ हो जाएगा।

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    -प्राणेश राय, एयरपोर्ट निदेशक