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    कुशीनगर एयरपोर्ट की जेवर और गया से हवाई कनेक्टिविटी, बौद्ध परिपथ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 01:43 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद कुशीनगर एयरपोर्ट को जेवर और गया से हवाई मार्ग से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। यह कनेक्टिविटी बौद्ध परिपथ प ...और पढ़ें

    कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट। जागरण

     कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट। जागरण

    HighLights

    1. कुशीनगर एयरपोर्ट को जेवर और गया से जोड़ा जाएगा।

    2. बौद्ध परिपथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, विदेशी पर्यटक बढ़ेंगे।

    3. स्थानीय राजस्व में वृद्धि और होटलों में नाइट स्टे बढ़ेगा।

    अजय कुमार शुक्ल, कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जेवर और गया से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ने की कवायद ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। एयरपोर्ट अथारिटी और जिला प्रशासन इस एयर कारिडोर को धरातल पर उतारने के लिए रूट चार्ट और स्लाट आवंटन की योजना पर कार्य कर रहा है।

    यह कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश और बिहार के ‘बौद्ध सर्किट’ को एक सूत्र में पिरोकर वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर भी बड़ा बदलाव ला सकती है। थाईलैंड, श्रीलंका, वियतनाम और जापान जैसे देशों से आने वाले विदेशी पर्यटकों को दिल्ली उतरने के बाद कुशीनगर पहुंचने में 12 से 14 घंटे लगते हैं, जेवर से कुशीनगर की सीधी उड़ान से यह सफर सिर्फ 1.5 घंटे का रह जाएगा।

    बुद्ध की ज्ञान स्थली (बोधगया) और महापरिनिर्वाण स्थली (कुशीनगर) के बीच हवाई सेवा से विदेशी सैलानियों के लिए सिंगल-टूर पैकेज आसान हो जाएगा। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि, कुशीनगर में पर्यटकों की आमद में लगातार वृद्धि हुई है। 2017 में 9.37 लाख पर्यटक, 2024 में संख्या बढ़कर 22.42 लाख से अधिक हुई।

    2025-26 में अब तक 25 लाख से ज्यादा सैलानियों के पहुंचने की बात कही जा रही है। पर्यटन विभाग का अनुमान है कि जेवर और गया से उड़ान शुरू होने के बाद दो वर्षों में केवल विदेशी पर्यटकों की संख्या सालाना पांच लाख और कुल आंकड़ा 30 लाख को पार कर सकता है।

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    स्थानीय होटल कारोबारी मत्स्यराज सिंह, बिरला धर्मशाला के प्रबंधक विरेंद्र तिवारी, ट्रैवल एजेंसी संचालक संतोष अग्रवाल इसको लेकर उत्साहित हैं। इनका कहना है कि सीधी उड़ानों से होटलों में नाइट स्टे बढ़ेगा, जिससे स्थानीय राजस्व में तीन गुना बढ़ोतरी की उम्मीद है।

    उनका यह भी कहना है कि, पूर्व में विमानों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण उड़ानें प्रभावित रही हैं। इसलिए, इस बार विमानन कंपनियों के साथ दीर्घकालिक करना होगा, ताकि उड़ानें बीच में बंद न हों। दूसरी ओर सूत्रों के मुताबिक, नए रूट पर 70 से 90 सीटों वाले क्षेत्रीय विमानों को चलाने की योजना है।


    कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से उड़ान शुरू करने को लेकर तैयार है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हम जेवर और गया से कुशीनगर की हवा सेवा को लेकर खाका तैयार कर रहे हैं। इससे पूरे बौद्ध परिपथ को लाभ मिलेगा तो बिहार-यूपी नया पर्यटन परिपथ भी तैयार होगा। घोषणा के तुरंत बाद ही मैंने इसको लेकर एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों से वार्ता कर कार्य शुरू कर दिया था, जो चल रहा है।

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    -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम