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    कुशीनगर: सामाजिक बंदिशों में तड़पकर खत्म हुआ प्रेम, एक ही दुपट्टे के फंदे से लटके मिले पति-पत्नी के शव

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 06:26 PM (GMT+05:30)

    कुशीनगर में सामाजिक बंदिशों के चलते एक अंतरजातीय प्रेमी जोड़े ने लीची के पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि परिजनों ने ...और पढ़ें

    पति-पत्नी ने किया सुसाइड।

    पति-पत्नी ने किया सुसाइड।

    HighLights

    1. कुशीनगर में अंतरजातीय प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या।

    2. एक ही दुपट्टे से लीची के पेड़ पर लटके मिले शव।

    3. सामाजिक बंदिशें और उत्पीड़न मौत का कारण।

    जागरण संवाददाता, छितौनी (कुशीनगर)। सामाजिक बंदिशों में तड़प कर फिर से एक प्रेम ने दम तोड़ दिया। प्रेम के आलिंगन में बंधे सुखद जीवन की राह तय करने निकले विजातीय दंपती ने आत्महत्या कर ली। उनका शव घर से कुछ दूरी पर लीची के पेड़ से एक ही दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट होने की बात कह रही है। हनुमानगंज थाना के जिंदा छपरा गांव में बुधवार दोपहर हुई इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गरम है।

    बताया जा रहा है कि, ग्रामवासी दयानिधि भारती रोज-रोटी के सिलसिले में देवरिया में रहते हैं। बड़ा बेटा अभिषेक भी सपरिवार रोजगार के सिलसिले में लुधियाना में रहते हैं। कक्षा 11 में पढ़ने वाले उनके दूसरे नंबर के पुत्र 22 वर्षीय रितेश कुमार को गांव में सरकारी पहलवान के नाम से भी जाना जाता था, जो मां, दादा के साथ घर पर हते थे।

    बचपन से कुश्ती के शौकीनों के बीच उनकी अच्छी पैठ थी और ग्रामीण स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। दो वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति के रितेश खड्डा कस्बे की रहने वाली पिछड़ी जाति की पूजा संग खड्डा स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा नौ में साथ पढ़ते थे। दसवीं के बाद पूजा ने पढ़ाई छोड़ दी तो रितेश ने 11वीं में नामांकन लिया। कच्ची उम्र में दोनों के बीच प्रेम परवान चढ़ा तो परिपक्वता की दहलीज तक पहुंचा और दोनों ने बालिग होने के बाद शादी करने की ठान छह माह पूर्व घर छोड़ निकल पड़े।

    कोर्ट मैरिज के बाद लौटे तो घर का कड़ा प्रतिरोध शुरू हुआ, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया। दोनों की गृहस्थी चलने लगी, लेकिन विजातीय प्रेम व शादी का दबाव बना रहा। घटना से दो दिन पूर्व पूजा अपने मायके गई तो पिता ने अनुसूचित जाति के युवक से शादी करने की बात कहते हुए भगा दिया। लौटने के बाद दंपती के बीच इसी को लेकर विवाद शुरू हुआ।

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    बुधवार को भी दोनों के बीच तीखी बहस हुई तो साथ ही घर से निकले। दो घंटे बाद दोपहर एक बजे उनका शव एक ही फंदे से लटका मिला। थाना प्रभारी शर्मा सिंह यादव ने बताया कि, मामले की जांच की जा रही है। मृतका के पास से आधार कार्ड तथा 200 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    एक ही थाली में साथ करते थे भोजन

    रितेश के दादा कबिलास भारती ने बताया कि, दोनों एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे। एक ही थाली में साथ ही भोजन तक करते थे। दोनों के जान देने की बात समझ में नहीं आ रही है।

    पूजा के घर वाले छोटी जाति की बात पर देते थे ताना

    रितेश की मां नगीना देवी ने बताया कि, हमने तो दोनों को अपना लिया था। दोनों की खुशी के आगे सबकुछ कबूल था, लेकिन पूजा के घर वाले बराबर अनुसूचित जाति के होने का ताना देते थे। उत्पीड़न भी करते थे। इसी से तंग आकर दोनों ने जान दी होगी।

    पहली बार आया था बेटी का फोन, बताई मारने-पीटने की बात

    पूजा की मां ने बताया कि, छह माह में पहली बार घटना के दिन बेटी का फोन मेरे पास आया तो वह रो रही थी। उसने ससुरालियों द्वारा मारने-पीटने की बात कही और कुछ देर बाद फोन कट हो गया। दोबारा मोबाइल से संपर्क नहीं हो पाया।

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