कुशीनगर में पत्नी और दो बेटों के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, लगाया 3 लाख का जुर्माना
कुशीनगर की सत्र अदालत ने पत्नी और दो बेटों की गला दबाकर हत्या करने के दोषी राजेश गुप्ता को फांसी की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, कुशीनगर। सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी की अदालत ने पत्नी और दो बेटों की गला दबाकर हत्या करने के मामले में पति को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे तीन लाख रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है।
न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि दोष सिद्ध राजेश गुप्ता को फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीपी यादव और लक्ष्मण पाठक ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पटहेरवा के बेलवा खुर्द के अमर गुप्ता ने सात सितंबर 2021 को तुर्कपट्टी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि किशुनदासपट्टी के राजेश गुप्ता से उनकी बहन निक्की की शादी आठ वर्ष पूर्व हुई थी, जिससे दो बच्चे, सात वर्ष का शिवम और तीन वर्ष का आयुष हैं।
दोष सिद्ध करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई
अमर गुप्ता ने आरोप लगाया कि राजेश गुप्ता ने छह सितंबर 2021 की रात लगभग 1.30 बजे तीनों का गला रेतकर हत्या कर दी, जिनका शव घर में पाया गया।
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए आला कत्ल हंसुआ, चाकू और पहसुल को बरामद किया और पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तुर्कपट्टी थाने के विवेचक ने जांच पूरी कर आरोपित के खिलाफ हत्या की चार्जशीट दाखिल की।
इस मामले में 11 साक्षी प्रस्तुत किए गए। शुक्रवार को अदालत ने अभियुक्त राजेश गुप्ता को दोष सिद्ध करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जनपद स्थापना से अब तक चौथी सुनाई गई फांसी की सजा
13 मई 1994 को स्थापित हुए इस जनपद में अब तक चार जघन्य हत्या करने वालों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गई है, जिसमें पहली फांसी की सजा 2014, दूसरी 2016 और फिर फरवरी तथा 29 मई को दी गई।