दुधवा नेशनल पार्क में बढ़ेगी रौनक: आसाम से लाए जाएंगे जंगली जल भैंसे, बनेगा 200 एकड़ का बाड़ा
दुधवा नेशनल पार्क में जंगली जल भैंसों के पुनर्वास की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसके तहत आगामी सर्दियों में आसाम से चार जल भैंसे लाए जाएंगे। ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
आसाम से चार जंगली जल भैंसे दुधवा नेशनल पार्क लाए जाएंगे।
बेलरायां रेंज में 200 एकड़ भूमि पर विशेष बाड़ा बनेगा।
दुधवा टीम ने आसाम में जल भैंस संरक्षण का प्रशिक्षण लिया।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। दुधवा नेशनल पार्क में जंगली जल भैंसों के पुनर्वास की तैयारियां तेज हो गई हैं। योजना के तहत आगामी सर्दियों में आसाम से चार जंगली जल भैंसे दुधवा लाए जाएंगे। इनके लिए बेलरायां रेंज के भादी ताल क्षेत्र के पास लगभग 200 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां विशेष बाड़ा विकसित किया जाएगा। यह स्थान प्राकृतिक जल स्रोतों और घास के मैदानों से समृद्ध होने के कारण जल भैंसों के लिए उपयुक्त माना गया है।
जल भैंस पुनर्वास परियोजना को सफल बनाने के लिए दुधवा प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में वाइल्डलाइफ वार्डन महेंद्र सिंह के नेतृत्व में 10 से 12 अधिकारियों और कर्मचारियों का दल आसाम जाकर प्रशिक्षण लेकर लौटा है।
प्रशिक्षण के दौरान टीम ने वहां जंगली जल भैंसों के संरक्षण, देखभाल, स्थानांतरण और उनके प्राकृतिक आवास के प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी जानकारियां हासिल कीं। लौटने के बाद अधिकारी परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले दुधवा में जंगली जल भैंसों के पुनर्वास की संभावनाएं तलाशने का जिम्मा वन विभाग को सौंपा था। इसके बाद विशेषज्ञों की राय और स्थल निरीक्षण के आधार पर बेलरायां रेंज के भादी ताल के पड़ोस के क्षेत्र का चयन किया गया।
अधिकारियों का मानना है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण, दलदली क्षेत्र, घास के मैदान और जल स्रोत आसाम के जंगलों से काफी हद तक मेल खाते हैं, जिससे जल भैंसों को नए वातावरण में आसानी से ढलने में मदद मिलेगी। योजना के अनुसार दुधवा में कुल 15 जंगली जल भैंसों का पुनर्वास किया जाना है।
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अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में आसाम प्रशासन ने तीन मादा और एक नर जल भैंसा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। शेष जल भैंसों को चरणबद्ध तरीके से निर्धारित अंतराल पर दुधवा लाया जाएगा। वन विभाग का मानना है कि यह परियोजना सफल होने पर दुधवा की जैव विविधता और समृद्ध होगी तथा दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
साथ ही, यह परियोजना पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र भी बन सकती है। इधर, दुधवा के फील्ड डायरेक्टर डा. एच राजामोहन का कहना है कि आसाम से आने वाले जल भैंसों की संख्या अभी तय नहीं है। फिलहाल विशेषज्ञों की रिपोर्ट देखने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।