लखीमपुर में मासूम का शिकारी तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लखीमपुर खीरी के उत्तर निघासन वन रेंज में 10 वर्षीय मासूम की जान लेने वाला तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। कई दिनों के रेस्क्यू अभियान के बाद वन ...और पढ़ें
HighLights
10 वर्षीय मासूम की जान लेने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद।
वन विभाग के कई दिनों के रेस्क्यू अभियान को मिली सफलता।
तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस।
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। उत्तर निघासन वन रेंज क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम की जान लेने वाला तेंदुआ आखिरकार रविवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। कई दिनों से लगातार चल रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वन विभाग की टीम को यह बड़ी सफलता मिली। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की।
बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व इसी तेंदुए ने एक 10 वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था। ग्रामीण खेतों में जाने और बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर महसूस कर रहे थे। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की थी।
घटना के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया। संभावित आवाजाही वाले स्थानों पर पिंजरे लगाए गए, कैमरा ट्रैप लगाए गए और लगातार निगरानी की गई। वनकर्मियों की टीम दिन-रात क्षेत्र में गश्त करती रही। आखिरकार रविवार सुबह तेंदुआ एक पिंजरे में कैद हो गया।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे पहले की तरह खेतों में काम कर सकेंगे और बच्चों को भी बाहर निकलने में डर नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार उसे सुरक्षित स्थान या उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़े जाने अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी।