प्रधानों के प्रशासक बनते ही गांवों में थमा विकास का पहिया, भुगतान पर रोक से अटके निर्माण कार्य
ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति के बाद लखीमपुर खीरी में विकास कार्य भुगतान रुकने से ठप हो गए हैं। ग्रामीणों को जलभराव और कीचड़ से परेशानी हो ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के बाद विकास कार्यों की रफ्तार थमती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण, खड़ंजा, सड़क मरम्मत और गांवों की साफ-सफाई जैसे जरूरी कार्य लगभग ठप पड़े हैं।
बरसात के मौसम में रास्तों पर कीचड़ और जलभराव से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार जब इस संबंध में प्रधानों से जानकारी ली जाती है तो उनका कहना होता है कि अधिकारियों की ओर से विकास कार्यों के भुगतान पर रोक लगी हुई है।
जब तक भुगतान की अनुमति नहीं मिलेगी। तब तक नए कार्य कराना संभव नहीं है। कई प्रधान पहले से कराए गए विकास कार्यों का भुगतान न मिलने से भी परेशान हैं। बरसात के चलते गांवों की नालियां जाम हैं और अधिकांश संपर्क मार्ग कीचड़ से सराबोर हो गए हैं। इससे आवागमन के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो ग्राम पंचायतों में विकास कार्य लंबे समय तक प्रभावित रह सकते हैं।ब्लॉक के कई गांवों के लोगों ने शासन और प्रशासन से भुगतान प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर कर विकास कार्यों को पुनः गति देने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
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इस बाबत खंड विकास अधिकारी जयेश सिंह ने बताया कि शासन से गाइडलाइन आने वाली है जल्द ही समस्या का निदान होगा।ग्राम सभाओं में कामकाज इस समय बाधित है।
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