लखीमपुर खीरी में शिक्षा के मंदिर में अश्लीलता, बार बालाओं के डांस का वीडियो वायरल होने के बाद मची खलबली; जांच के आदेश
Lakhimpur Kheri News: घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ...और पढ़ें
HighLights
प्राथमिक विद्यालय परिसर में सजी बारबालाओं की महफिल, रातभर लगे ठुमके
पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई
आयोजकों के खिलाफ पुलिस चौकी मेंभी दी गई तहरीर
संवाद सूत्र, लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के बाद अब परिसर का दुरुपयोग शुरु हो गया है। अब स्कूलों में बरात को रुकवाने के साथ रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन कराया जा रहा है। ताजा प्रकरण लखीमपुर खीरी जिले का है, जहां के प्राइमरी स्कूल में सोमवार रात को रातभर बारबालाओं का अश्लील डांस कराया गया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है।
रेहरिया में मोहम्मदी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत ग्रंट साहबगंज के मजरा दिस्तापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां पर विद्यालय परिसर में रातभर बारबालाओं का अश्लील डांस कराया गया। कार्यक्रम के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में खलबली मच गई।
बताया जा रहा है कि गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर का इस्तेमाल किया गया। सोमवार रात स्कूल परिसर में स्टेज सजाकर बारबालाओं के डांस का आयोजन हुआ। तेज आवाज में बज रहे अश्लील गानों पर बारबालाओं ने जमकर ठुमके लगाए, जबकि बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीण और युवक देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
वायरल वीडियो में लोग हूटिंग करते और अश्लील हरकतें करते भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने नियमों को ताक पर रखकर स्कूल की चाबियां ग्रामीणों को सौंप दी थीं। इसके बाद शिक्षा के मंदिर को अश्लील कार्यक्रम का अड्डा बना दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदी शशांक सिंह ने बताया कि विद्यालय की चाबी कार्यक्रम के लिए अधिकृत रूप से नहीं दी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े किसी व्यक्ति ने चाबी उपलब्ध कराई। पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। साथ ही आयोजकों के खिलाफ पुलिस चौकी में तहरीर भी दी गई है।
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घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी होती तो विद्यालय परिसर में इस तरह की अशोभनीय गतिविधि नहीं होती।
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