अखिलेश यादव का तंज- SIT का मतलब ‘शेयर इन थेप्ट’, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को बताया 'महापाप'
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी को महापाप बताया और SIT को 'शेयर इन थेफ्ट' कहा। ...और पढ़ें

सपा प्रमुख अखिलेश यादव। (तस्वीर- फाइल)

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है। भ्रष्टाचार भाजपा का धर्म बन गया है।
एसआइटी का मतलब ‘शेयर इन थेप्ट’ और ‘सेंध इन ट्रस्ट’ है। सपा प्रमुख ने लखनऊ अग्निकांड के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन होता तो बच्चों की जान बच सकती थी। वहीं भाजपा पर संविधान बदलने के लिए सांसदों को खरीदने का भी आरोप लगाया है।
बुधवार काे पार्टी मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता में सपा प्रमुख ने कहा कि कहा कि प्रभु श्रीराम के मंदिर में चोरी होती रही और जिन्होंने वहां सबसे ज्यादा बार दौरा किया, उन्होंने क्या किया? एक के नाम में यादव निकल आया तो हमारा रिश्तेदार बता रहे हैं। सभी लोकसभा क्षेत्रों से लगभग 800 करोड़ रुपये का चंदा हुआ होगा।
कुछ लाेग गुप्तदान भी करते हैं। वो तो बताएंगे नहीं, क्योंकि बताते ही उनके यहा ईडी, सीबीआइ पहुंच जाएगी। लखनऊ अग्निकांड पर कहा कि विश्वगुरु बनने वाली सरकार के पास दीवार तोड़ने के लिए उपकरण तक नहीं थे। सरकार के जो लोग अपने व्यक्तिगत जीवन के लिए जी रहे है, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है।
बच्चों के जाने का दुख परिवार वाले ही समझ सकते हैं। बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर तंज करते हुए कहा कि कुछ लाेग कैमरे के सामने दिखावटी आंसू बहा रहे थे, जब कैमरा बंद हुआ तो आंसू बंद हो गए। उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की मदद की भी मांग की।
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राजनीति दलों के टूृट के सवाल पर कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता ने अपने वोट के अधिकार से भाजपा की संविधान बदलने की साजिश को रोक दिया तो अब वे सांसदों को खरीद रहे हैं। सांसदों को डरा रहे है। भाजपा संविधान बदलने के लिए सांसदों को इकट्ठा कर रही है।
उज्जैन जमीन विवाद में मुख्यमंत्री माेहन यादव पर सवाल उठने को लेकर कहा कि ये एक साजिश हो रही है। भाजपा के डबल इंजन टकरा रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का एक तरह से बचाव करते हुए कहा था मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने साजिश रची है।
क्या भाजपा को नहीं पता था कि उनका रियल इस्टेट का काम है। भाजपा तीन मुख्यमंत्रियों को हटाने का रास्ता ढूंढ रही है। पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है। इन दो को इसलिए हटा रहे हैं, क्योंकि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी हटाना है।