अयोध्या चढ़ावा चोरी मामला: सरकार को जल्द सौंपी जाएगी एसआईटी की रिपोर्ट, कई नए नाम जुड़ने की संभावना
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी की एसआईटी जांच रिपोर्ट अभी शासन को नहीं सौंपी गई है, लेकिन यह इसी सप्ताह या अगले दो दिनों में जमा ...और पढ़ें

HighLights
अयोध्या मंदिर चढ़ावा चोरी की एसआईटी रिपोर्ट तैयार
रिपोर्ट इसी सप्ताह या अगले दो दिनों में जमा होगी
लापरवाही के लिए कुछ नए नाम रिपोर्ट में जुड़ेंगे
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की जांच रिपोर्ट अभी शासन को नहीं सौंपी गई है। सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच पूरी करने व रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया था। उच्च आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली गई है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह या अगले दो दिनों में रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी।
अंतिम जांच रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी के मामले में लापरवाही बरतने वाले डा. अनिल मिश्रा व गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव सहित कुछ और नए नामों को जोड़े जाने की चर्चा है। सरकार ने चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए 13 जून को लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।
एसआईटी ने 15 जून से मामले की जांच शुरू की थी। सबसे पहले चढ़ावा की गणना व्यवस्था की जांच एसआईटी ने की थी। इसके लिए उपलब्ध 40 दिनों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद एसआईटी को 70 बार चोरी के साक्ष्य मिले थे।
एसआईटी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चोरी में शामिल अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय व रमाशंकर मिश्रा को दोषी ठहराया था। इसके अलावा डाॅ. अनिल मिश्रा व गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका भी संदिग्ध बताई थी।
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दोनों ने चढ़ावे की गणना व प्रबंधन को लेकर निर्धारित की गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बतौर गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव ने गणना के कार्य में लगे कर्मियों की तलाशी की व्यवस्था नहीं की थी। न ही बिना जेब वाले कपड़ों को पहने की व्यवस्था बनाई थी।
साथ ही गणना स्थल पर आने व जाने पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं थी। सीसीटीवी फुटेज में गणना कर्मी रुपयों के बंडलों को छिपाते दिखाई दिए हैं।
एसआईटी ने मंदिर को दान की गई बहुमूल्य वस्तुओं की भी जांच की थी, लेकिन सभी वस्तुएं मंदिर के रिकार्ड में दर्ज थीं। कुछ वस्तुएं मंदिर प्रबंधन के पास सुरक्षित हैं और कुछ को गला कर रखा गया है। एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है।
उम्मीद की जा रही थी कि एसआईटी बुधवार को शासन को रिपोर्ट सौंप देगी, लेकिन रिपोर्ट में कुछ चीजों को और जोड़ा जा रहा है, इसलिए अब इसे इसी सप्ताह या अगले 48 घंटों में सौंपा जाएगा। उसके बाद ही इस बात का राजफाश होगा कि चढ़ावा चोरी के मामले में कितने लोग शामिल थे।