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यूपी में दिसंबर में जनगणना का दूसरा चरण: 40 सवालों का नोटिफिकेशन जारी, पहली बार जाति भी शामिल

Updated: Sat, 15 Aug 2026 07:45 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं, जो दिसंबर में होने की संभावना है। इसमें हर व्यक्ति की विस्तृत जानकारी 40 सवालों के माध्यम से दर्ज की जाएगी, जिसमें डिजिटल साक्षरता और कोविड टीकाकरण भी शामिल है।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. जनगणना-2027 का दूसरा चरण दिसंबर में संभावित

  2. हर व्यक्ति की 40 सवालों से विस्तृत जानकारी दर्ज होगी

  3. बड़े शहरों में गणनाकर्मियों की कमी एक चुनौती

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। जनगणना-2027 के दूसरे और अंतिम चरण की तैयारियां प्रदेश में तेज हो गई हैं। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सरकार के सामने जनगणना का बड़ा काम भी है। ऐसे में फरवरी में चुनाव से पहले दिसंबर में ही दूसरे चरण की गणना कराने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है। केंद्र ने परिवार अनुसूची में पूछे जाने वाले 40 सवालों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
दूसरे चरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण 18 अगस्त से शुरू होगा। इसमें उत्तर प्रदेश के आठ अधिकारी शामिल होंगे। ये अधिकारी सितंबर में प्रदेश के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे।

इसके बाद जिलों में गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जनगणना निदेशालय ने प्रशिक्षण से लेकर गणनाकर्मियों की उपलब्धता तक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

सितंबर में मास्टर ट्रेनरों को मिलेगा प्रशिक्षण, बड़े शहरों में गणनाकर्मियों की कमी बनी चुनौती

जनगणना के पहले चरण में प्रदेश के बड़े शहरों में गणनाकर्मियों की कमी प्रमुख चुनौती के रूप में सामने आई। लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा जैसे महानगरों में घरों और परिवारों की संख्या अधिक होने के कारण गणना कार्य के लिए पर्याप्त कर्मियों की जरूरत महसूस हुई। इसे देखते हुए दूसरे चरण में गणनाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

पहले चरण में पर्यवेक्षकों और गणनाकर्मियों को मिलाकर करीब पांच लाख कर्मी लगाए गए थे। पहले चरण में सात से 21 मई तक लोगों को स्वगणना की सुविधा दी गई थी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक गणनाकर्मियों ने घर-घर जाकर मकानों की गणना की और 33 सवालों के जवाब दर्ज किए।

जनगणना के पहले चरण में 22 मई से 20 जून तक मकानों की हुई गणना

अब दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें नाम, उम्र, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, जन्म स्थान और पूर्व निवास समेत अन्य जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्षरता, कोविड टीकाकरण और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। आधार, मोबाइल, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट नंबर भी मांगा जा सकता है, लेकिन ये विवरण उपलब्ध होने पर ही दर्ज किए जाएंगे।

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प्रदेश में छह करोड़ मकानों की गणना

जनगणना के पहले चरण में प्रदेश के 1.04 लाख गांवों और 14,983 वार्डों में स्थित 3,90,717 मकान सूचीकरण ब्लाकों में गणना का काम पूरा किया गया है। इस दौरान करीब छह करोड़ मकानों की गणना की गई। यदि एक परिवार में औसतन पांच सदस्य माने जाएं तो प्रदेश की आबादी 28 से 30 करोड़ के बीच पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, प्रदेश की वास्तविक आबादी कितनी है, इसकी स्पष्ट तस्वीर जनगणना के दूसरे चरण के बाद जारी होने वाले आंकड़ों से ही सामने आएगी।

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