उत्तर प्रदेश में जनगणना की तैयारी शुरू, इसको जन अभियान बनाने का लक्ष्य
Cencus in UP: जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा को तय करते हैं। ...और पढ़ें

आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद कंचन वर्मा --- राजस्व परिषद
HighLights
एक दिवसीय प्रशिक्षण में आयुक्त राजस्व परिषद ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देश के विकास की दिशा को तय करते हैं जनगणना के आंकड़े
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत होने वाले मकान सूचीकरण व मकान की गणना के लिए शनिवार को एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद कंचन वर्मा ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा को तय करते हैं। जनगणना को जन-जन की भागीदारी से जोड़कर जन अभियान बनाया जाए, जिससे सही आंकड़े प्राप्त हो सकें। जनगणना कार्य में यदि कोई विसंगति पाई गई या कोई किसी कार्य को बाधित करेगा तो उसके विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
जनगणना कार्य निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में जनगणना 22 मई से 20 जून 2026 तक की जाएगी। यह पूरी तरह डिजिटल रूप में होगी। सभी डाटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन एवं निगरानी कार्य डिजिटल प्लेटफार्म्स के माध्यम से किए जाएंगे।
निदेशक जनगणना शीतल वर्मा ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया, समय-सीमा एवं डिजिटल रूपांतरण के संबंध में प्रस्तुति दी, जिसमें राज्य की तैयारी और प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को इस कार्य के लिए नामित किया गया है। प्रदेश में 5.5 लाख प्रगणक एवं पर्यवेक्षक जनगणना के लिए लगाए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि जनगणना में आम जनता के लिए स्व-गणना का प्रविधान किया गया है। स्वगणना पोर्टल सात मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगा, जिस पर कोई भी अपने परिवार अपनी जानकारी भर सकेगा। बैठक में सभी जिलों के अपर जिला अधिकारी आदि उपस्थित रहे।